मप्र के इस शहर में तीन दिन तक बनेगी आरएसएस की रणनीति

हर्षित चौरसिया, जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने देशभर में चलाए जा रहे अपने सेवा कार्यों की समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर मंथन करने के लिए संस्कारधानी जबलपुर को चुना है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में जबलपुर में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। बैठक में संघ के शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे।
यह बैठक विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत स्वयं उपस्थित रहेंगे। उनके साथ ही देशभर से संघ के प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक और अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य भी शिरकत करेंगे। संघ के दिग्गजों की यह मुख्य बैठक तीन दिन तक चलेगी।
30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगा मुख्य कार्यक्रम
सूत्रों के अनुसार, संघ का यह मुख्य मंथन 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलने वाला है। मुख्य बैठक जबलपुर स्थित संघ के मुख्यालय केशव कुटी में आयोजित होगी, जबकि इससे संबंधित अन्य बैठकें लगभग 10 दिनों तक चल सकती हैं। इस दौरान देशभर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा किए जा रहे सेवाकार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी और आगामी योजनाओं पर विचार-विमर्श होगा।
सरकार और प्रशासन ने कसी कमर
संघ के प्रमुख पदाधिकारियों के इतने बड़े जमावड़े को देखते हुए प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंत्रियों और विधायकों ने देशभर से आ रहे प्रचारकों और पदाधिकारियों के ठहरने, खान-पान और अन्य व्यवस्थाओं को जुटाने का काम शुरू कर दिया है। बताया गया है कि जल्द ही संघ द्वारा व्यवस्थाओं के संबंध में जिम्मेदारियां सुनिश्चित कर दी जाएगी और बैठक की विस्तृत रूपरेखा जारी की जाएगी। यह बैठक आगामी दिनों में संघ की दिशा और देशव्यापी कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव के चलते राजनीतिक एवं सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।












