मैनहंट इंटरनेशनल में छाए MP के निपुण सिंह, अब बड़े पर्दे पर आएंगे नजर? खुद बताया पूरा प्लान

मैनहंट इंटरनेशनल 2026 के मंच पर भारत का नाम रोशन करने वाले मध्य प्रदेश के जबलपुर के निपुण सिंह ने फर्स्ट रनर-अप का खिताब हासिल किया है। श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों से आए प्रतिभागियों के बीच निपुण ने अपनी जगह बनाई। खास बात यह है कि उनके प्रदर्शन को पिछले 25 वर्षों में भारत का इस प्रतियोगिता में सबसे शानदार प्रदर्शन बताया जा रहा है। मैनहंट इंटरनेशनल में मिली इस बड़ी उपलब्धि के बाद पीपुल्स अपडेट से खास बातचीत में निपुण सिंह ने अपने सफर, बचपन की तैयारी, ग्रूमिंग, संगीत, खेल और इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर खुलकर बात की।
बचपन से ही खुद को बेहतर बनाने की कोशिश
निपुण बताते हैं कि उनकी तैयारी अचानक शुरू नहीं हुई थी। बचपन से ही वह अलग-अलग चीजों को सीखने और अपनी पर्सनैलिटी को बेहतर बनाने में रुचि रखते थे। हालांकि उस समय उनके दिमाग में मॉडलिंग या किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने का कोई खास प्लान नहीं था। वह कहते हैं, 'बचपन से ही मुझे अलग-अलग चीजें सीखने का शौक रहा है। जैसे-जैसे मैं बड़ा हुआ, मुझे समझ आने लगा कि अगर जिंदगी में कुछ बड़ा करना है तो सिर्फ पढ़ाई या एक ही चीज पर ध्यान देना काफी नहीं है। अपनी पूरी पर्सनैलिटी पर काम करना जरूरी है।' निपुण के मुताबिक, हायर स्टडीज के समय उन्होंने खुद को ज्यादा गंभीरता से तैयार करना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस, बातचीत करने के तरीके, आत्मविश्वास और ओवरऑल पर्सनैलिटी पर काम किया।
फिटनेस-ग्रूमिंग पर दिया खास ध्यान
निपुण बताते हैं कि प्रतियोगिता के स्तर पर पहुंचने के बाद उन्हें समझ आया कि सिर्फ अच्छा लुक काफी नहीं है। एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को किस तरह पेश करना है, लोगों से कैसे बातचीत करनी है और अलग-अलग परिस्थितियों में कैसे कॉन्फिडेंट रहना है, इन चीजों पर भी काम करना पड़ता है। वह कहते हैं, मैंने हायर स्टडीज के बाद प्रोफेशनल ग्रूमिंग पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया। मुझे लगा कि अगर मुझे किसी बड़े प्लेटफॉर्म पर जाना है तो सिर्फ दिखने पर नहीं, बल्कि अपनी पूरी पर्सनैलिटी पर काम करना होगा। इसलिए फिटनेस के साथ कम्युनिकेशन, बॉडी लैंग्वेज और कॉन्फिडेंस पर भी ध्यान दिया।
संगीत भी निपुण की जिंदगी का अहम हिस्सा
निपुण की पर्सनैलिटी का एक और दिलचस्प पहलू उनका संगीत से जुड़ाव है। वह बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें संगीत में काफी रुचि रही है। खास बात यह है कि वह करीब 6 से 7 तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स बजा लेते हैं। निपुण कहते हैं, 'मुझे बचपन से म्यूजिक का बहुत शौक रहा है। अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स सीखना मुझे अच्छा लगता था। इससे मुझे क्रिएटिव रहने में मदद मिली और एक चीज को लगातार सीखने की आदत भी बनी।'
खेल से भी गहरा जुड़ाव
म्यूजिक के साथ-साथ निपुण का खेलों से भी गहरा जुड़ाव रहा है। वह बास्केटबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर 4 से 5 बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

अब बॉलीवुड में जाने की तैयारी?
निपुण से जब पूछा गया कि क्या मैनहंट इंटरनेशनल के बाद उनका अगला पड़ाव बॉलीवुड हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि एक्टिंग में उनकी दिलचस्पी है और वह आने वाले समय में इस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। वह कहते हैं, 'बॉलीवुड एक ऐसी इंडस्ट्री है, जहां काम करना काफी लोगों का सपना होता है। मेरी भी एक्टिंग में रुचि है। अभी तक मैंने अपनी पर्सनैलिटी और मॉडलिंग पर काफी काम किया है। आगे अगर अच्छा मौका मिलता है तो मैं बॉलीवुड में भी जरूर काम करना चाहूंगा। मैं एक्टिंग को भी सीखना और समझना चाहता हूं। मेरे लिए यह एक नेचुरल अगला स्टेप हो सकता है।'
मैनहंट का मंच मिला तो क्या महसूस हुआ?
मैनहंट इंटरनेशनल के फिनाले को याद करते हुए निपुण बताते हैं कि वह पल उनके लिए बहुत खास था। दुनिया के अलग-अलग देशों के प्रतिभागियों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी थी। वह कहते हैं, 'जब मैं उस स्टेज पर था तो मेरे लिए सबसे बड़ी बात यह थी कि मैं भारत को रिप्रेजेंट कर रहा हूं। जब फर्स्ट रनर-अप के तौर पर मेरा नाम आया तो खुशी तो बहुत हुई, लेकिन उससे ज्यादा एक अलग तरह का गर्व महसूस हुआ। लगा कि इतने सालों की मेहनत सही दिशा में गई।'
इस उपलब्धि के लिए हैं बेहद आभारी
निपुण अपनी सफलता का श्रेय सिर्फ खुद को नहीं देते। वह अपने परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों के प्रति आभार जताते हैं, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया। वह कहते हैं, 'मैं इस पूरे सफर के लिए बहुत ग्रेटफुल हूं। मेरे परिवार और मेरे आसपास के लोगों ने मुझे हमेशा सपोर्ट किया। अगर आपका परिवार और आपके लोग आप पर विश्वास करते हैं तो आपका कॉन्फिडेंस और बढ़ता है।'

युवाओं के लिए निपुण का संदेश
मध्य प्रदेश और देश के युवाओं के लिए निपुण का कहना है कि किसी भी सपने को पूरा करने के लिए लगातार खुद पर काम करना जरूरी है। उनके मुताबिक, सफलता एक दिन में नहीं मिलती। वह कहते हैं, 'मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि अपने ऊपर काम करते रहिए। जरूरी नहीं कि शुरुआत में आपको पता हो कि आपको कहां पहुंचना है। लेकिन अगर आप सीखते रहते हैं, खुद को बेहतर करते रहते हैं और मेहनत करते रहते हैं तो धीरे-धीरे रास्ता बनता जाता है। मैंने भी बचपन से अलग-अलग चीजें सीखीं और आज वही चीजें मेरी पर्सनैलिटी का हिस्सा हैं।'
कौन हैं निपुण सिंह?
27 साल के निपुण सिंह पेशे से मार्केटिंग टेक्नोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। पढ़ाई और पेशेवर जिंदगी के साथ उन्होंने मॉडलिंग के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई। निपुण की करीब 6 फीट 3 इंच की लंबाई, प्रभावशाली व्यक्तित्व और आत्मविश्वास ने प्रतियोगिता के दौरान उन्हें अलग पहचान दिलाई। फिनाले के अलग-अलग चरणों में उन्होंने अपने प्रदर्शन से जजों का ध्यान खींचा और आखिरकार भारत के लिए फर्स्ट रनर-अप का खिताब हासिल किया।
रुबरू मिस्टर इंडिया 2025 भी जीत चुके
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचने से पहले निपुण सिंह ने रुबरू मिस्टर इंडिया 2025 का खिताब भी अपने नाम किया था। इसी उपलब्धि के बाद उन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। अब मैनहंट इंटरनेशनल 2026 में शानदार प्रदर्शन करके उन्होंने यह साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश से आने वाला एक युवा भी वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।
25 साल बाद भारत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन
निपुण सिंह की उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पिछले 25 वर्षों में मैनहंट इंटरनेशनल प्रतियोगिता में यह भारत का सबसे बेहतर प्रदर्शन बताया जा रहा है। दुनिया के अलग-अलग देशों से आए प्रतिभागियों के बीच निपुण ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के दम पर फाइनल तक का सफर तय किया और दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस कामयाबी के बाद मध्य प्रदेश से लेकर देशभर में उनके लिए बधाइयों का दौर शुरू हो गया है।
फ्रांस के डिलन पाल्मेरीनी बने विजेता
कोलंबो में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के 24वें संस्करण में फ्रांस के डिलन पाल्मेरीनी ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं भारत के निपुण सिंह फर्स्ट रनर-अप रहे। टॉप-5 में भारत के बाद प्यूर्टो रिको, नाइजीरिया और वियतनाम के प्रतियोगियों ने जगह बनाई। दुनिया के कई देशों के प्रतिभागियों के बीच भारत का दूसरे स्थान पर पहुंचना देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

















