रीवा PWD चीफ इंजीनियर ₹50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, हर महीने ₹1 लाख मांगे थे

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रभारी चीफ इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त की टीम ने कैलाश कुमार लच्छे को उनके गैर-शासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती के साथ 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। आरोप है कि एक निजी टेस्टिंग लैब को PWD के काम दिलाने के बदले हर महीने 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया गया।
निजी टेस्टिंग लैब के मैनेजर ने की थी शिकायत
लोकायुक्त को 4 अगस्त को सतना जिले की एक निजी टेस्टिंग लैब के मैनेजर सोनू सिंह ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी फर्म PWD के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता की जांच करती है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनकी फर्म को रीवा PWD संभाग में काम दिलाने के बदले प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लच्छे ने हर महीने 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामले की जांच शुरू की और आरोपों की पुष्टि के लिए कार्रवाई की तैयारी की।
पहले ही ले चुके थे ₹50 हजार
जांच के दौरान लोकायुक्त को यह भी पता चला कि शिकायत दर्ज होने से पहले ही आरोपी पक्ष की ओर से 50 हजार रुपए की रिश्वत ली जा चुकी थी। आरोप है कि चीफ इंजीनियर ने अपने सहयोगी धर्मवीर भारती के जरिए यह रकम ली थी। इसके बाद लोकायुक्त ने रिश्वत की अगली किस्त के रूप में 50 हजार रुपए दिए जाने की योजना बनाई।
सरकारी आवास के पास रिश्वत लेते पकड़े गए
लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को रीवा के सिविल लाइन इलाके में कार्रवाई की। अटल पार्क के सामने स्थित सरकारी आवास के पास चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लच्छे और उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। लोकायुक्त की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत की मांग और लेनदेन से जुड़े मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद PWD के रीवा संभाग में रिश्वतखोरी के इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।












