Vat Purnima 2026 :28 या 29 जून... कब है वट पूर्णिमा व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्म में वट पूर्णिमा व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल वट पूर्णिमा का व्रत सोमवार, 29 जून 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं बरगद (वट) के पेड़ की पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। यह व्रत उत्तर भारत की तुलना में महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में अधिक श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। वहीं उत्तर भारत में ज्येष्ठ अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व होता है।
वट पूर्णिमा 2026 तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 29 जून को सुबह 3:06 बजे शुरू होगी और 30 जून को सुबह 5:26 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर वट पूर्णिमा का व्रत 29 जून 2026 को रखा जाएगा।
वट पूर्णिमा 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त - 04:06 ए एम से 04:46 ए एम
प्रातः सन्ध्या - 04:26 ए एम से 05:26 ए एम
अभिजित मुहूर्त - 11:57 ए एम से 12:52 पी एम
विजय मुहूर्त - 02:44 पी एम से 03:40 पी एम
गोधूलि मुहूर्त - 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
सायाह्न सन्ध्या - 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
अमृत काल - 08:53 पी एम से 10:40 पी एम
निशिता मुहूर्त 12:05 ए एम, जून 30 से 12:45 ए एम, जून 30
वट पूर्णिमा पर बन रहे हैं शुभ योग
- इस वर्ष वट पूर्णिमा पर दो शुभ योग बन रहे हैं।
- शुभ योग सुबह से शुरू होकर दोपहर 2:36 बजे तक रहेगा।
- इसके बाद ब्रह्म योग शुरू होगा।
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन शुभ योगों में पूजा-पाठ और व्रत करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
वट पूर्णिमा व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करती हैं और पेड़ के चारों ओर सूत या कलावा बांधती हैं। साथ ही सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती और सुनाती हैं। ऐसा करने से पति की लंबी आयु, दांपत्य जीवन में सुख-शांति और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करने से वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
वट वृक्ष की पूजा से क्या लाभ मिलते हैं?
हिंदू धर्मग्रंथों में वट वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। स्कंद पुराण के अनुसार, शुभ तिथियों पर वट वृक्ष की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष की पूजा से मिलने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं-
- अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
- पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है।
- दांपत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बढ़ती है।
- परिवार की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
- जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
- वट पूर्णिमा के दिन बरगद का पौधा लगाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
- वट वृक्ष की परिक्रमा और कलावा बांधने से संतान सुख और परिवार की खुशहाली की कामना पूरी होती है।











