जबलपुर। शहडोल में रिलायंस CBM प्रोजेक्ट द्वारा सड़क और सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमणों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर मप्र हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह निर्देश दिए। मामले पर अगली सुनवाई 4 मई को होगी।
जनपद पंचायत सोहागपुर की ग्राम पंचायत खेतौली के सरपंच गोकुल की ओर से दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि रिलायंस द्वारा वहां पर सीबीएम प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। याचिका में आरोप है कि ग्राम पंचायत की जमीनों पर रिलायंस प्रोजेक्ट द्वारा अवैध रूप से पिच निर्माण, तार फेंसिंग और सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस बारे में शहडोल के संभागायुक्त, कलेक्टर और एसडीओ (राजस्व) सोहागपुर को शिकायतें देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दायर की गई। मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने याचिका में बनाए गए अनावेदकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार द्विवेदी और मानवेन्द्र सिंह गहरवार पैरवी कर रहे हैं।
एक अन्य मामले में कुख्यात गैंगस्टर हाजी अब्दुल रज्जाक का आपराधिक रिकॉर्ड का पूरा ब्यौरा राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पेश किया गया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की डिवीजन बेंच ने मामले पर 26 मार्च को आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि रज्जाक की ओर से दायर इस याचिका में आरोप है कि व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता के कारण एनएसए की पूरी कार्रवाई पूर्व कैबिनेट मंत्री व मौजूदा विधायक के इशारे पर की गई और इसी के चलते वह 26 अगस्त 2021 से न्यायिक हिरासत में है। हाईकोर्ट के निर्देश पर बीते 31 अक्टूबर को रज्जाक द्वारा विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक के नाम का खुलासा किए जाने पर बेंच ने संजय पाठक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। इस पर विधायक संजय पाठक ने रज्जाक के आरोपों को नकारते हुए कहा था कि उस पर हो रही कार्रवाई से उनका कोई लेना देना नहीं है।
मामले पर शुक्रवार को आगे हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने रज्जाक के आपराधिक रिकॉर्डों का पूरा ब्यौरा बेंच के सामने पेश किया। रिकॉर्ड पर गौर करके बेंच ने मामले पर 26 मार्च को आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए।