Refeeding Syndrome:26 दिन बाद उपवास तोड़ा, लेकिन अब असली चुनौती शुरू...भूलकर भी न करें यह गलती, रीफीडिंग सिंड्रोम बना सकता है गंभीर मरीज!

नई दिल्ली। सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी है। इसके बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि लंबे समय तक बिना भोजन के रहने के बाद खाना कैसे शुरू करना चाहिए। ऐसे समय में जल्दबाजी करना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कई दिनों तक भूखे रहने के बाद शरीर की कार्यप्रणाली बदल जाती है और उसे सामान्य स्थिति में लौटने के लिए समय चाहिए होता है। इसलिए भोजन की शुरुआत सोच समझकर और डॉक्टर की निगरानी में करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
शरीर में क्या बदलाव आते हैं?
जब कोई व्यक्ति कई दिनों तक भोजन नहीं करता, तो शरीर पहले जमा ऊर्जा का उपयोग करता है। इसके बाद शरीर वसा और मांसपेशियों से ऊर्जा लेने लगता है। इस दौरान मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो जाता है ताकि शरीर कम ऊर्जा में काम चला सके। यही कारण है कि लंबे उपवास के बाद शरीर तुरंत सामान्य भोजन को पहले की तरह पचा नहीं पाता।
अचानक खाना शुरू करना क्यों है खतरनाक?
लंबे समय तक भूखे रहने के बाद यदि कोई व्यक्ति एकदम से ज्यादा मात्रा में खाना खा ले, तो शरीर पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। खासकर ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन इंसुलिन का स्तर तेजी से बढ़ा देता है। इससे शरीर में जरूरी मिनरल्स का संतुलन बिगड़ सकता है और कई गंभीर परेशानियां पैदा हो सकती हैं। इसी स्थिति को रीफीडिंग सिंड्रोम कहा जाता है।
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क्या है रीफीडिंग सिंड्रोम?
रीफीडिंग सिंड्रोम एक गंभीर मेडिकल स्थिति है, जो लंबे समय तक भूखे रहने या कुपोषण के बाद अचानक भोजन शुरू करने पर हो सकती है। इसमें शरीर के अंदर फॉस्फेट, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होने लगते हैं। इसके कारण कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होना, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर और कुछ मामलों में जान का खतरा भी हो सकता है। इसलिए डॉक्टर इस स्थिति को गंभीरता से लेते हैं।
भोजन की शुरुआत कैसे करनी चाहिए?
उपवास खत्म होने के बाद सबसे पहले शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करनी चाहिए। इसके बाद हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना बेहतर होता है। दलिया, पतली खिचड़ी, दही, सूप या नारियल पानी जैसे विकल्प शुरुआत के लिए सही माने जाते हैं। पहले दिन तला-भुना, ज्यादा मीठा या भारी भोजन करने से बचना चाहिए।
धीरे धीरे बढ़ाएं भोजन की मात्रा
शरीर को एक साथ ज्यादा भोजन देने के बजाय थोड़ी थोड़ी मात्रा में कई बार खाना चाहिए। जब शरीर हल्का भोजन आसानी से पचाने लगे, तब धीरे-धीरे दाल, पनीर, अंडा, फल और हरी सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। इससे शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता।
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डॉक्टर की निगरानी क्यों जरूरी?
यदि किसी व्यक्ति ने कई दिनों या हफ्तों तक उपवास रखा हो, तो भोजन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना या शरीर में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट के जरिए इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच करते हैं और उसी के अनुसार इलाज शुरू करते हैं।











