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राम मंदिर चढ़ावा मामला:SIT की शुरुआती रिपोर्ट तैयार, ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों पर भी गिरी जांच की आंच

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT ने 6 दिन की जांच के बाद शुरुआती रिपोर्ट तैयार की। 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जबकि ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारी भी जांच के दायरे में हैं।
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SIT की शुरुआती रिपोर्ट तैयार, ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों पर भी गिरी जांच की आंच

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा राशि में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट तैयार कर ली है। छह दिनों तक चली गहन जांच के बाद टीम रविवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंपने के लिए उनके आवास पहुंची। जांच से जुड़े सभी अहम दस्तावेज, बयान, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित किए गए हैं।

150 संदिग्धों के नाम सामने आए, 25 पर कार्रवाई की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान करीब 150 लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें से लगभग 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। SIT जिन लोगों से पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगली सूचना तक अयोध्या छोड़कर कहीं बाहर न जाने की चेतावनी भी दी गई है। पूछताछ के दायरे में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी शामिल रहे हैं।

मंदिर प्रशासन से जुड़े कई प्रमुख नाम जांच के घेरे में

मंदिर प्रबंधन और चढ़ावा व्यवस्था से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच की गई। इनमें प्रमुख रूप से:

चंपत राय - राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव

गोपाल राव - मंदिर व्यवस्थापक

डॉ. अनिल मिश्रा - राम मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू - चढ़ावा राशि की गिनती व्यवस्था से जुड़ा प्रमुख व्यक्ति

सोमेश आनंद - स्टील चेयर सेवा प्रभारी

SIT ने विशेष रूप से रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से कई दौर की पूछताछ की। उसके रिश्तेदारों, करीबी सहयोगियों और संपत्तियों की भी पड़ताल की गई है।

CCTV फुटेज से लेकर बैंक खातों तक खंगाले गए रिकॉर्ड

जांच टीम ने चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया, नकदी को बैंक तक पहुंचाने की व्यवस्था, दानपात्रों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया। इसके अलावा मंदिर परिसर के CCTV फुटेज, बैंक खातों के लेनदेन और वर्ष 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले गए। बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है ताकि चढ़ावा राशि के जमा और उपयोग की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।

ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना

सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। चर्चा है कि महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। हालांकि अंतिम फैसला रिपोर्ट के अध्ययन के बाद लिया जाएगा।

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अब तक 2 करोड़ रुपये की रिकवरी

चढ़ावा गड़बड़ी मामले में अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये की बरामदगी हो चुकी है। यह रिकवरी लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणेश और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर की गई है। ये सभी किसी न किसी रूप में मंदिर की दान राशि की गिनती और प्रबंधन व्यवस्था से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।

टिन्नू के घर से मिला सोना

जांच के दौरान 13 जून को रामशंकर उर्फ टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ था। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक बरामद सोने की मात्रा और उसकी कीमत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।

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मुख्यमंत्री के सामने रखी गई शुरुआती रिपोर्ट

SIT ने छह दिन की जांच में जुटाए गए सभी डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों को सुरक्षित करते हुए शुरुआती रिपोर्ट तैयार की है। अब मुख्यमंत्री स्तर पर रिपोर्ट का अध्ययन होने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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