Jaipur Bomb Threat : जयपुर में सीएम ऑफिस-एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, लिखा- एक-दो घंटे में दोनों जगह होंगे धमाके

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय और जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। धमकी एक ईमेल के जरिए दी गई, जिसमें लिखा गया कि एक से दो घंटे के भीतर सीएम ऑफिस और एयरपोर्ट को विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा।
एयरपोर्ट प्रशासन को मिला मेल
शनिवार को जयपुर एयरपोर्ट की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर एक मेल आया, जिसमें 4 इम्प्रोवाइज्ड डिवाइस लगाए जाने और सुबह 11 बजे के बाद विस्फोट की बात कही गई। साथ ही मेल में तमिलनाडु सरकार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया।
जांच में नहीं मिला विस्फोटक
मेल के बाद CISF, बम निरोधक दस्ता, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, और इंटेलिजेंस टीमें एयरपोर्ट पहुंचीं और लगभग डेढ़ घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। टर्मिनल-1, टर्मिनल-2, एप्रन एरिया, पार्किंग और बैगेज काउंटर्स समेत हर स्थान की जांच की गई। हालांकि, कहीं से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
सीएम ऑफिस में भी बढ़ाई गई सुरक्षा
सीएम कार्यालय को भी धमकी मिलने के बाद सचिवालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। बम स्क्वॉड और इंटेलिजेंस की टीमों ने गहन जांच की, लेकिन वहां भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। शनिवार होने के कारण ऑफिस में कम स्टाफ था, जिससे अफरा-तफरी नहीं मची।
पिछले महीने भी मिल चुकी हैं कई धमकियां
- जयपुर में इस तरह की धमकियां कोई नई बात नहीं हैं।
- 5 दिन पहले माहेश्वरी गर्ल्स स्कूल को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
- 30 मई को मेट्रो स्टेशन और दो कोर्ट को धमकी मिली थी।
- 13 मई को, जयपुर ब्लास्ट की बरसी पर 56 स्कूलों को उड़ाने की धमकी दी गई थी।
- हर बार जांच में कुछ नहीं मिला, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना रहना पड़ रहा है।
साइबर सेल कर रही जांच
धमकी भरे ईमेल की जांच जयपुर पुलिस की साइबर टीम कर रही है। शुरुआती जांच में मेल फर्जी लग रहा है, लेकिन सावधानी बरती जा रही है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल धमकी देने वाले की पहचान नहीं हो सकी है।
मिल सकती है 10 साल तक की सजा
भारतीय कानून के अनुसार, बम से धमकी देना गंभीर अपराध है, चाहे वह मजाक में ही क्यों न दी गई हो। IPC और UAPA जैसी धाराओं के तहत ऐसे मामलों में 10 साल तक की सजा हो सकती है। पिछले मामलों में ईमेल रूस के सर्वर से भेजे गए थे, जिससे ट्रैकिंग में दिक्कतें आती हैं।











