अलवर। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक की लाश घर की छत पर रखे नीले ड्रम में बरामद हुई। पुलिस की जांच में सामने आया कि युवक की हत्या उसकी पत्नी और मकान मालिक के बेटे ने मिलकर की थी। हत्या की यह खौफनाक कहानी किसी पड़ोसी या चश्मदीद ने नहीं बल्कि मृतक के मासूम आठ साल के बेटे ने खुद पुलिस को सुनाई। बेटे ने बताया कि कैसे उसकी मां और मकान मालिक जितेंद्र ने मिलकर उसके पिता को मौत के घाट उतारा और शव को ड्रम में छिपा दिया।
घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी जब रविवार को बदबू आने की शिकायत पर पुलिस घर पहुंची। छत पर बने कमरे में रखा ड्रम खोला गया तो उसमें से युवक का शव बरामद हुआ। शव को गलाने के लिए ड्रम में नमक डाला गया था और ऊपर से पत्थर रख दिया गया था। पुलिस जांच में पता चला कि युवक हंसराज उर्फ सूरज शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था। वह किशनगढ़ बास की आदर्श कॉलोनी में अपनी पत्नी सुनीता और तीन बच्चों के साथ किराए पर रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी सुनीता का अफेयर मकान मालिक के बेटे जितेंद्र के साथ चल रहा था। जितेंद्र को रील बनाने का शौक था और अक्सर घर आता-जाता था। दोनों के अवैध संबंधों के चलते ही इस वारदात को अंजाम दिया गया। हत्या के बाद दोनों फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। दोनों रामगढ़ के अलावड़ा स्थित ईंट भट्टे पर मजदूरी करने पहुंचे थे, तभी उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इस हत्याकांड का सबसे बड़ा गवाह मृतक का 8 वर्षीय बेटा हर्षल बना। उसने पुलिस को बताया कि वारदात वाली रात उसके पिता, मां और जितेंद्र साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान पिता और मां के बीच झगड़ा हुआ। पिता ने गुस्से में आकर मां को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद जितेंद्र ने मां का बचाव किया और तीनों बच्चों को कमरे में सुला दिया। बच्चे ने बताया कि इसके बाद उसकी आंखों के सामने ही मां और अंकल जितेंद्र ने पिता की गला रेतकर हत्या कर दी और फिर लाश को ड्रम में डाल दिया।
फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मृतक के तीनों बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।