Naresh Bhagoria
20 Jan 2026
भोपाल/रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में 6 साल की मासूम से दुष्कर्म के आरोपी सलमान का गुरुवार रात औबेदुल्लागंज क्षेत्र में शॉर्ट एनकाउंटर हुआ। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर पुलिसकर्मी की बंदूक छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने बताया कि, सलमान को गुरुवार रात भोपाल के गांधीनगर से पकड़ा गया था। वह 21 नवंबर को गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के बाद फरार चल रहा था। इलाके में गुस्सा इतना अधिक था कि, लोग लगातार धरना-प्रदर्शन कर आरोपी की गिरफ्तारी और एनकाउंटर की मांग कर रहे थे।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद गौहरगंज पुलिस टीम उसे रायसेन ले जा रही थी कि औबेदुल्लागंज के जंगल क्षेत्र में पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया।
रात करीब 3-4 बजे के बीच आरोपी को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था। उसी दौरान सलमान ने अचानक सब-इंस्पेक्टर श्यामराज सिंह की बंदूक छीन ली। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने मौके पर दो राउंड फायर किए और जंगल की ओर भागने लगा। उसे रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की और पैर पर गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए पुलिस टीम भोपाल के जेपी अस्पताल लेकर पहुंची।
रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि, आरोपी सलमान ने हमारे एसआई की गन छीनी और फायर किया। बचाव में हमें भी उसके पैर पर फायर करना पड़ा। आरोपी को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
आरोपी पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को सूचना मिली कि वह गांधीनगर में एक चाय की दुकान के पास दिखा है। लोगों ने भी उसे पहचान कर पुलिस को जानकारी दी थी। पकड़े जाने के बाद पूछताछ में सलमान ने बताया कि, वह जंगलों के रास्ते पैदल भोपाल में घुसा था और गांधीनगर में छिपा हुआ था।
उसकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही जय मां भवानी संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे, लेकिन उससे पहले उसे गौहरगंज पुलिस को सौंप दिया गया था।
गौहरगंज में 21 नवंबर की शाम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी आरोपी सलमान उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने जंगल ले गया। घटना के बाद बच्ची गंभीर हालत में मिली थी। उसके प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण डॉक्टरों को कई सर्जरी करनी पड़ीं। बच्ची अभी आईसीयू में है और धीरे-धीरे बात कर पा रही है। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था।
लोगों ने लगातार तीन दिन तक हाईवे जाम किया, बाजार बंद करवाए और धरना दिया। दबाव बढ़ने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारी स्तर पर कार्रवाई करते हुए रायसेन एसपी पंकज पांडेय को हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया। नए एसपी आशुतोष गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई।
पीड़िता की मां ने बताया कि बच्ची को आरोपी पहले से जानता था और अक्सर बच्चों को टॉफियां देता था। घटना का जिक्र करते हुए मां रो पड़ीं। उन्होंने बताया कि, मेरी बच्ची के गाल इतने सूजे थे, जैसे किसी ने बार-बार थप्पड़ मारे हों। उसके हाथ-पैर और कमर पर गहरे निशान थे। सबसे बुरी हालत उसके निजी अंगों की थी। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची की पूरी रिकवरी में कम से कम छह महीने लगेंगे और आगे भी एक और सर्जरी करनी होगी।
21 नवंबर
22-26 नवंबर
28 नवंबर (गुरुवार रात)