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रायपुर :अफीम से जुड़ी अवैध खेती का 5वां मामला, दो गिरफ्तार, पूर्व सीएम बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि अफीम की खेती के लिए बीज उन्होंने पत्थलगांव के एक स्थानीय व्यापारी से खरीदे थे। इस खुलासे के बाद पुलिस अब उस कारोबारी की भी तलाश कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
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अफीम से जुड़ी अवैध खेती का 5वां मामला, दो गिरफ्तार, पूर्व सीएम बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती का मामला आए दिन बढ़ता जा रहा है। रायपुर इसका मुख्य केंद्र बना हुआ है। जहां सोमवार को लैलूंगा थाना क्षेत्र में आज एक बार फिर अफीम से जुड़ी खेती का 5वां मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खेत को सील कर दिया है।

    50 डिसमिल एरिया में हो रही थी खेती

    लैलूंगा थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में करीब 50 डिसमिल जमीन पर उगाई जा रही अफीम की फसल का खुलासा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।

    भूपेश बघेल ने एक्स पर भाजपा को घेरा

    अफीम की खेती से जुड़े मामले में राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस मामले में जमकर गुस्सा फूंटा है। उन्होंने एक्स पर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक के नवीन घट गांव में एक नहीं बल्कि 3 अलग- अलग जगह पर इसकी खेती पकड़ी गई है।

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    2 गिरफ्तार, एक आरोपी फरार

    जानकारी के मुताबिक, पुलिस जैसे ही खेत में पहुंची, वहां मौजूद लोग भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जगतराम नाग और मनोज नाग को पकड़ लिया, जबकि साधराम नाग भागने में सफल रहा। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    पांचवा मामला आया सामने

    छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मार्च महीने में यह अब तक का पांचवां मामला है, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सबसे पहले दुर्ग जिले के सिमोदा गांव में अफीम की खेती का खुलासा हुआ था, जहां एक बीजेपी नेता ताम्रकार द्वारा इस अवैध खेती को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद  बलराम जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी अफीम की फसल बरामद की गई।

    अब रायगढ़ जिले के आमाघाट क्षेत्र के बाद लैलूंगा थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों से साफ है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अफीम की अवैध खेती का नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।

    पुलिस और प्रशासन अब इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ छोटे स्तर का अपराध नहीं, बल्कि इसके पीछे संगठित गिरोह भी हो सकता है।

    कारोबारी से खरीदे गए बीज

    पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि अफीम की खेती के लिए बीज उन्होंने पत्थलगांव के एक स्थानीय व्यापारी से खरीदे थे। इस खुलासे के बाद पुलिस अब उस कारोबारी की भी तलाश कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध खेती लंबे समय से चल रही हो सकती है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस ने खेत से अफीम की फसल को जब्त कर नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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