भोपाल। किसान चौपाल में राहुल गांधी ने कहा पार्लियामेंट में मेरा भाषण देखा। राष्ट्रपति का भाषण होता है उसके बाद पहला स्पीकर विपक्ष का होता है। यह हर साल होता है। हिंदुस्तान के इतिहास में इस साल पहली बार लोकसभा में लीडर ऑफ अपोजीशन को बोलने नहीं दिया गया। मैंने स्पीच शुरू की मुझे रोका गया। नरवणे जी की बात उठाई, उन्होंने किताब लिखी है। उसमें साफ लिखा जब चीन के टैंक हिंदुस्तान की बाउंडी के अंदर आ रहे थे, उन्होंने राजनाथ सिंह से ऑर्डर पूछा। राजनाथ सिंह ने जवाब नहीं दिया। अजीत डोबाल ने भी जवाब नहीं दिया। उसके बाद जयशंकरजी को भी फोन किया, चीन के टैंक अंदर आ रहे हैं, मुझे क्या करना है, कोई जवाब नहीं। दो घंटे बाद डिफेंस मिनिस्टर को कॉल किया, ऑर्डर मांगा, पीएम से पूछिए, ये इसलिए पूछ रहे थे कि चीन आर्मी पर फायर करने का निर्णय पीएम को देना पड़ता है। युद्ध का निर्णय आर्मी चीफ नहीं ले सकते। वो राजनीतिक निर्णय होता है। चाइना की आर्मी अंदर आ रही है। हिंदुस्तान के आर्मी चीफ फोन लगा रहे, लेकिन उन्हें जवाब नहीं दिया गया।राजनाथ सिंह फिर पीएम को फोन किया, पीएम ने आर्मी चीफ से बात नहीं की। रक्षा मत्री से उन्होंने कहा कि आर्मी चीफ को बताओ जो उचित समझे वो करें। उन्होंने किताब में लिखा, उस दिन सरकार ने मुझे अकेला छोड़ दिया। आर्मी चीफ को जब ऑर्डर देने का समय आया तो पीएम गायब हो गए।
राहुल गांधी ने कहा कि आज मैं आपको बताना चाहता हूं। बैकग्राउंड में एक और चीज चल रही थी। चार महीने के लिए हिंदुस्तान और अमरीका का जो समझौता रुका हुआ था। कृषि के मामले में रुका था। हिंदुस्तान की सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी बड़ी कंपनियां सोया, कपास, भुट्टा, हिंदुस्तान में बेंच पाए। कोई राजनेता, किसान, सरकार भी नहीं चाहती थी। चार माह चर्चा बंद थी। मैंने भाषण किया, भाषण में मैं दो-तीन चीज और कहना चाहता था । मेरा भाषण खत्म होते ही पीएम लोकसभा से गए, शाम को बिना राजनाथ सिंह, बिना शिवराज सिंह, बिना कैबिनेट से पूछे, ट्रंप को फोन कॉल लगाया। ट्रंप ने ट्वीट किया। कि हिंदुस्तान के पीएम ने मुझे फोन किया, और कह दिया कि यूएस इंडिया डील को मैं साइन करने का तैयार हूं। ये चार महीने डील रुकी थी, लोकसभा से मोदी भागकर गए। अगले दिन बहाना बनाया, कांग्रेस पार्टी की महिलाएं आक्रमण करने जा रही थी। पीएम संसद में नहीं खड़ा हो पाए।
आप शिवराज जी से पूछिए क्या कैबिनेट ने निर्णय लिया, आप गडकरीजी से पूछिए, राजनाथ सिंह जी से पूछिए। बिना पूछे फोन किया। चार महीने कुछ नहीं मिला, फिर नरेंद्र मोदीजी ने फोन किया और हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया। हिंदुस्तान की गारमेंट इंडस्ट्री को बेच दिया। हमारा सारा डेटा अमरीका को दे दिया, क्यों। दो कारण हैं भाइयों -बहनों, पहला कारण अमरीका में लाखों फाइल एप्सटीन की फाइल बंद पड़ी हैं। लाखों फाइल 30 लाख फाइल उसमें, ईमेल है, मैसेज हैं, वीडियो हैं, सब कुछ हैं। वो रिलीज नहीं हुई है। रिलीज क्या किया है मैं बताता हूं, हरदीप पुरी का नाम रिलीज किया धमकाने के लिए। वो मैसेज है, अगर हमारी बात सुनी नहीं तो उन फाइलों में से माल निकलेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि अनिल अंबानी मेरा मित्र नहीं है। नरेंद्र मोदी आप बताइए, अनिल अंबानी के साथ आपका क्या रिश्ता है। अनिल अंबानी, हरदीप पुरी एप्सटीन फाइल में हैं। उस फाइल में और भी नाम हैं जो छुपे हुए हैं। दूसरा कारण और भी खतरनाक है। अडानी आईसीसी जहां भी देखो अडानी का नाम है। एयरपोर्ट, सीमेंट जहां भी देखो। ये अडानी है, यह मामूली कंपनी नहीं है। यह बीजेपी, नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। दूसरी धमकी है कि अमेरिका में अडानीजी पर क्रिमनल केस हो जाएगा। शायद आपको मालूम नहीं है कि अडानी अमेरिका, यूरोप नहीं जा सकती। डरे हुए हैं। अंदर करने का डर। अमरीका का लक्ष्य अडानी नहीं, नरेंद्र मोदी हैं। वो तीर अडानी की ओर नहीं मारा जा रहा, वो नरेंद्र मोदी की ओर मारा जा रहा। इन दो कारणों से नरेंद्र मोदी संसद से भागकर निकले और उसी शाम ट्रंप को फोन कर कहा सर जो उचित समझो, मैं साइन करने को तैयार हूं। देश को बेच दिया। यह बात मैं नहीं कह रहा। यह बात भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं के दिल में है।
भाजपा वाले जानते हैं कि नरेंद्र मोदीजी को दो ग्रिप से चोक कर दिया गया है। नरेंद्र मादी की आंखों में देखिए, उनकी आंख में आंख मिलाकर देखिए, नरेंद्र मोदी ने समझौता किया है, उन्होंने दबाव में आकर यह डील की है। ये डील नहीं है। यह किसान के दिल में तीर है। अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने कहा ट्रंप ने जो टैरिफ लगाए उन्हें रद्द किया। बाकी देशों ने बात सुनते ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया तो हम भी डील रद्द कर रहे, लेकिन नरेंद्र मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मैं चैलेंज करता हूं कि अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को कहा है टैरिफ रद्द किया है। आप दम है तो हिंदुस्तान और यूएस की डील को रद्द करके दिखा दीजिए। राहुल गांधी ने कहा ये नहीं कर सकते हैं। बीजेपी के कार्यकर्ताओं मैं आपको बता रहा हूं क्योंकि इन पर अमेरिका, ट्रंप का दबाव है। ये नहीं कर सकते क्योंकि एप्सटीन की धमकी है। अडानी का क्रिमनल केस इनके सिर पर लटका है।
हिंदुस्तान को धोखा दिया गया है। यह सच्चाई है। सिर्फ किसनों को नहीं। 21वीं सदी में सबसे जरूरी है डेटा। जिसके पास डेटा है वो जीतेगा, जिसके पास डेटा नहीं है, वो खतम हो जाएगा। दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा हिंदुस्तान के पास है। सबसे बड़ी आबादी है। दूसरे नंबर पर चाइना है। हिंदुस्तान के डेटा के बिना अमेरिका चाइना का मुकाबला नहीं कर सकता। बात समझिए। इस डील में छोटी सी स्क्रिप्ट में पीएम नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान का सारा डेटा अमरीका के हवाले कर दिया। किसानों को खत्म किया। हमारा डेटा दिया। टेक्सटाइल इंडस्ट्री उसको खत्म कर दिया। उसी के एकदम बाद अमेरिका कहता है हम बांग्लादेश को मदद करेंगे। बांग्लादेश को टेक्सटाइल में जीरो प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। यहां हमार मिनिस्टर कहता है अगर हिंदुस्तान अमेरिका से कपास खरीदेगा तो हमारे ऊपर भी टैरिफ जीरो, हम अमेरिका से कपास नहीं खरीदते, हमारे यहां उगाया जाता है। हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी। वहां नहीं रुके। ट्रंप कहता है कि हर साल हिंदुस्तान को नौ लाख करोड़ रुपए का माल अमेरिका से खरीदना पड़ेगा। पांच साल के लिए। हमारी इंडस्ट्री, फैक्ट्रियों का क्या होगा। सारा कि सारा नरेंद्र मोदी ने दबाव में दे दिया। एग्रीकल्चर दे दिया, डेटा दे दिया, टेक्सटाइल दे दी, लिया क्या? एक चीज बता दो, कुछ नहीं लिया। पहले से ज्यादा टैक्स हम देंगे। हमारा टैक्स बढ़ गया है। इंपोर्ट की गारंटी नहीं दी। सारा कि सारा अमेरिका को बेच दिया।
मैं जानता हूं कि आपको लिखकर दे सकता हूं अगर नरेंद्र मोदी पर दबाव नहीं होता, अगर धमकी नहीं होती तो मोदी ये नहीं करते। ये जो किया है, हिंदुस्तान को बेचा है, अपनी छवि को बचाने के लिए, अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए, धमकी से बचने के लिए किया है, लेकिन नरेंद्र मोदी बच नहीं सकते, कोई शक्ति उन्हें नहीं बचा सकती।
यूथ कांग्रेस के बब्बर शेर हैं, आप किसी से नहीं डरोगे। आपमें कांग्रेस पार्टी का खून है, देशभक्ति का खून है। आप हरित क्रांति लाए, आपने देश को अनाज, भोजन दिया। वही काम नरेंद्र मोदी ने खत्म किया। आपने इंडस्ट्री बनाई, वो ही काम नरेंद्र मोदी ने खत्म किया। आप 21वीं सदी में संचार क्रांति लाए, वो ही काम डेटा देकर खत्म किया। आपको डरने की जरूरत नहीं है। युवाओं से कहना चाहता हूं, उनकी आंखों में देखिए उनकी सच्चाई पता लग जाएगी। नरेंद्र मोदी दबाव में आए हैं और इसलिए इन्होंने इंडिया यूएस डील की है। धन्यवाद, जय हिंद नमस्कार।
महाचौपाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुलजी ने जो कुछ कहा वो सब कुछ सच है। मुझे ज्यादा बात करने की आवश्यकता नहीं है। मैं चाहता हूं कि संसद का बजट हमारा चल रहा है। फिर 9 तारीख को मिलने वाले हैं। उस वक्त भी हम लोकसभा में राज्यसभा में अपनी बात को रखेंगे। जो बात रखना है, कहनी थी, संक्षिप्त में राहुलजी ने कही है। मैं यहां पर जो आया हूं, आपको बताने के लिए कि किसान भाइयों, व्यापारी बंधुओं का, स्मॉल स्केल इंडस्ट्री वालों का, मजदूर भाइयों की आवाज बुलंद करने के लिए आया हूं। यहां से उठने वाली आवाज पूरे देश में घूमेगी और जैसा कि लाल बहादुर शास्त्रीजी ने कहा था, जय जवान-जय किसान। नरेंद्र मोदी को सरेंड्र मोदी बोलो। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील में अमेरिका भारत के बीच हुआ यह कठिन दौर से हम गुजर रहे हैं। लोकतंत्र और संविधान खतरे में हैं। मान मर्यादा मिट्टी में डालने वाले मोदी साहब आज देश को बेच रहे हैं। देश को गुलामी की तरफ ले जा रहे हैं। किसानों को मजदूर बना रहे हैं। किसनों को गुलामी में ढकेलने की कोशिश कर रहे हैं।
खड़गे ने कहा कि मोदीजी एक जमाने से और पहले भी शुरू में कहते थे अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप को दोस्त बताते थे, कहते थे हम चाय पर बात करते हैं, उठते ही एक दूसरे को नमस्ते करते हैं। ये ढोल पीटने वाले मोदी जी हैं। बीजेपी के लोगों को जानना चाहिए, जो रोज बात करते थे, क्या भारत को बेचने, किसानों को बेचने, क्या गुलामी में डालने की बात करते थे। इतना डरपोक पीएम मैंने जिंदगी में कभी नहीं देखा। मैं कम से कम 60 साल से सियासत में हूं, 64 साल से एमएलए, एमपी बनकर काम किया, जो अपने आप को संसद में आकर, हमसे मिलकर आंख में आंख भी नहीं मिलाता। प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करता। जो कुछ भी बोलना होता है, संडे को मन की बात में बोलते हैं, मंडे के दिन संसद में आने के लिए वो कभी तैयार नहीं है। मन की बात संसद में आकर बोलो। इतना डरा हुआ हमारा प्राइम मिनिस्टर है।
हमारे पीएम कांग्रेस को डराने का काम करते हैं। कांग्रेस को गालियां देने का काम करते हैं। दोस्तों याद रखिए, कांग्रेस डरने वाली नहीं है। हमारी पार्टी ने अंग्रेजों को भगाया। आप डरपोक सरेंडर हो गए थे। आरएसएस वाले सरेंडर हो गए थे, माफीनामा लिखा और देशभक्ति की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि असल देशभक्त तो कांग्रेस में हैं। यूथ कांग्रेस, किसानों में देशभक्ति है। मोदीजी खुद अपनी पीठ थपथपाते हैं। देशभक्त होते तो आप ट्रंप के सामने झुककर बात नहीं करते। आप उनके सामने नाक नहीं रगड़ते, ऐसे पीएम मिले हैं, लेकिन बार-बार सबको डराने की कोशिश कर रहे हैं। यूथ कांग्रेस के नेताओं को बधाई देता हूं, उन्होंने डटकर, उनके फंक्शन में जाकर बताया कि देश में युवाओं के पास नौकरी नहीं है, खाना नहीं है। किसानों के पास आज जो कपास, सोयाबीन, दालों पर मार गिर रही है, आप समझौता मत करो, इसलिए गए थे। देश का अपमान करने वाले तो आप हो हमारे स्वाभिमान को ट्रंप के सामने गिरवी रखे, उसी दिन हमारी मर्यादा चली गई। और आज यूथ कांग्रेस को मर्यादा की बात कहते हैं। कॉमनवेल्थ हुआ था तब भाजपा के लोग इन्होंने सत्याग्रह किया। काला झंडा बताया, गाड़ियां रोकी, देश का अपमान किया। देश बचाने वाले हम हैं, जान देने वाले हैं। हमारे पास गोडसे नहीं, गांधी है और आज लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए राहुल गांधी है। और आज तक मोदीजी चुप बैठे हैं। ट्रंप बार-बार कहता है ऑपरेशन सिंदूर मैंने रोका और मोदी थरथराते हुए कहा मैं बंद करता हूं। ऑपरेशन सिंदूर रोककर गलती की। हमारी पार्टी मजबूत है। डरोगे तो मरोगे। आजादी, संविधान, देश, लोकतंत्र को जिंदा रखना है तो लड़ाई करना होगा, हम आपके साथ है।
ख्रड़गे ने कहा अमेरिका के पास बहुत बड़ी जमीन है। दो या तीन प्रतिशत लोग खेती करते हैं। हमारे यहां 65 प्रतिशत खेती पर निर्भर हैं।हमारे पास छोटे सीमांत किसान हैं। छोटा सा किसान जो उत्पन्न करता है, मोदी उसे खत्म कर रहे हैं। जो कीमत मिल रही है, वो भी घटाना चाहते हैं। हमारे किसान कहां जाएंगे। हमारे किसान को खत्म करने के लिए ट्रंप ने यह मंसूबा किया है, लेकिन मोदी उनके साथ हैं, किसानों के साथ नहीं हैं। यहां के एक नेता पूर्व सीएम हमेशा कहते मैं किसान हूं, लेकिन जब तक सीएम थे, कुछ लाएंगे होंगे, लेकिन दिल्ली में जाकर मोदी जो गलती कर रहे हैं तो बात क्यों नहीं निकलती। ये बात चौहान साहब आप क्यों नहीं बोल रहे। अगर आपको किसान मजदूरों का हित करना है तो मोदीजी से लड़ें।
खड़गे ने कहा कि डील से जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल के फल उत्पादकों भी उन्हें भी दाम नहीं मिलेंगे। वो भी एग्रीमेंट में है। उन्होंने यह भी कहा कि एडिशनल चीजें भी फाइनल के टाइम बताएंगे, वो मार्जिन भी रख लिया है। जो किसानों का हितैषी बताने वाले लोग हैं, वो आजकर ट्रंप का गुणगान कर रहे हैं। मनरेगा जैसी योजना हटा दी। उससे मजदूरों का पेट भरता था, राइट टू वर्क, राइट टू एजुकेशन था, फूड सिक्युरिटी लाए ये सब मोदी ने नहीं किया। मोदी सिर्फ नाम बदलते हैं। बिल्डिंग का नाम बदलो, रास्तों का नाम बदलो, वो खुद का नाम कहीं नहीं बदल लें। इनकी फॉरेन पॉलिसी बेकार है। ब्राजील का पीएम कहता है हिम्मत मत हारो, मैं भी किसानों की हिफाजत कर रहा हूं, हम सब एक होकर लड़ेंगे। लेकिन इस बारे में कुछ नहीं कह रहे। रूस हमारा पुराना दोस्त है,ईरान से भी तेल सस्ते में लेते थे, भूलकर भी रूस से ईरान से तेल खरीदेंगे तो धमकी दी। जो ट्रंप कहते हैं, यस सर कहते हैं। उनके ऑर्डर को स्वीकार करते हैं, ऐसा पीएम पहली बार देखा। ऐसे लोग बहुत समय हुकूमत में रहे तो देश को नुकसान होगा। पहले हम सालाना 86 बिलियन का निर्यात करते थे, 46 बिलियन का आयात करते थे। हम अमेरिका से कमाते थे, लेकिन अब किसानों को सरेंडर कर दिया है।
ट्रंप तुगलक जैसा और प्रधानमंत्री हिटलर के जैसा व्यवहार कर रहे हैं। देशहित को गिरवी रखकर कोई व्यापार समझौता मंजूर नहीं है। ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ मंजूर नहीं है। भारत की संप्रुभता और आत्मनिर्भरता से समझौता मंजूर नहीं है। भारत स्वाभिमान से जीना चाहता है। नरेगा का कानून भी इनको वापस लेना पड़ेगा। जैसे तीन कानून वापस लिया था, वैसे ही नरेगा का कानून वापस लेना होगा। हम नरेगा को रिस्टोर करेंगे, उसके लिए लड़ेंगे।