जिंदगी से खिलवाड़ :मुंबई में नकली दूध के रैकेट का भंडाफोड़, केमिकल, डिटर्जेंट का इस्तेमाल कर दे रहे थे धोखा

मुंबई के अंधेरी इलाके में नकली दूध बनाने का रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यहां डिटर्जेंट, यूरिया, रिफाइंड तेल और साबुन के घोल आदि से नकली दूध बनाकर बड़े और स्थानीय ब्रांड के नाम पर बेचा जाता था। एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को नकली दूध पैकेट सील करते देखा जा सकता है।
मुंबई में नकली दूध के रैकेट का भंडाफोड़, केमिकल, डिटर्जेंट का इस्तेमाल कर दे रहे थे धोखा
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मुंबई। अंधेरी वेस्ट के कपासवाड़ी इलाके से दूध में मिलावट का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल नकली दूध बनाकर नामी ब्रांड के पैकेट में बेचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें संभवत: एक पुलिसकर्मी नकली दूध बनाने वाले से प्रक्रिया के बारे में बताने के लिए कहता है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है।

    Twitter Post

    नकली दूध बनाने का तरीका 

    वीडियो में नकली दूध तैयार करने की प्रक्रिया दिखाई गई है। वीडियो में एक कमरे के अंदर बड़ी संख्या में दूध के पैकेट रखे हुए दिखाई दे रहे हैं। एक पुरुष और एक महिला भी मौजूद दिखाई देते हैं, जिनसे वहां मौजूद पदार्थों से दूध 'तैयार' करने को कहा जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि दूध में डिटर्जेंट पावडर, यूरिया, साबुन का घोल, रिफाइंड तेल और अन्य केमिकल्स मिलाकर नकली दूध बनाया जा रहा है। एक लीटर असली दूध को पानी और रसायनों से मिलाकर लगभग दोगुनी मात्रा तैयार की जाती है। यही नहीं यह दूध बड़े ब्रांड की पैकिंग में बेचा जाता था। वीडियो से सामने आया कि मिलावटी दूध का खुला घोटाला फल-फूल रहा है, जो सीधे तौर पर आम जनता—खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों—की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। दूध सीधे दूध केंद्र से ग्राहकों के घर नहीं जाता; बल्कि दूध माफिया पहले दूध के पैकेट अपने अड्डे पर ले जाते हैं, असली पैकेट खोलकर उसमें मिलावट करते हैं, फिर उसी दूध से दो पैकेट बनाकर सप्लाई करते हैं।

    डॉक्टर्स के अनुसार ये हो सकते हैं घातक प्रभाव

    • किडनी फेल होने का खतरा
    • लिवर को नुकसान
    • बच्चों में विकास रुकना
    • महिलाओं में कैल्शियम की कमी
    • पेट, त्वचा और आंखों की गंभीर बीमारियां

    स्थानीय लोगों की मदद से खुलासा

    नकली दूध बनाने का खुलासा स्थानीय रहवासियों और महाराष्ट्र पुलिस के एक पुलिसकर्मी की सक्रियता से हुआ। वीडियो में दीया जलाकर दूध बनाने की तकनीक दिखाने का दावा भी किया गया है। कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह गतिविधि वर्षों से इलाके में चल रही है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

    Latest Posts