
इंदौर में लोक निर्माण विभाग (PWD) में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल उजागर हुआ है। लोकायुक्त टीम ने मंगलवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पीडब्ल्यूडी के तीन अधिकारियों को रिश्वतखोरी के आरोप में दबोच लिया। कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम, अनुविभागीय अधिकारी टीके जैन और उपयंत्री अंशु दुबे पर ठेकेदार से अंतिम बिल भुगतान के बदले मोटी घूस मांगने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान दो अधिकारियों को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा गया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
लोकायुक्त के ट्रैप में जयदेव गौतम को शासकीय निवास पर 1.50 लाख रुपए लेते हुए पकड़ा गया, जबकि टीके जैन को कार्यालय परिसर में 1 लाख रुपए लेते रंगे हाथ दबोचा गया। आरोपी अंशु दुबे ने भी रिश्वत की मांग की थी, लेकिन कम रकम होने के चलते उसने पैसा नहीं लिया। इस कार्रवाई में कुल 2.50 लाख रुपए जब्त किए गए हैं। लोकायुक्त की इस दबिश के बाद पीडब्ल्यूडी में फैले भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायतकर्ता ठेकेदार राजपाल सिंह पंवार ने आरोप लगाया था कि 4.51 करोड़ रुपए का काम पूरा करने के बाद अंतिम बिल भुगतान के एवज में 3.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत सत्यापन में सही मिलने के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाकर तीनों अधिकारियों को ट्रैप कर लिया।