
बैठक में व्यापार को आसान बनाने, सीमा पर बेहतर प्रबंधन और तस्करी रोकने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने और व्यापार को और तेज करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और भूटान के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और दोनों देशों के रिश्ते आर्थिक रूप से और मजबूत होते जा रहे हैं। भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है, जहां कुल व्यापार का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा भारत के साथ ही होता है। जानकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.9 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। यह बढ़त इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है और भविष्य में इसके और मजबूत होने की संभावना है।
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बैठक के दौरान सीमा पर सुरक्षा और प्रबंधन को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने मिलकर काम करने, जानकारी साझा करने और तस्करी रोकने के उपायों को मजबूत करने पर चर्चा की। इसके साथ ही सीमा पर आने वाले माल की जानकारी पहले से शेयर करने के लिए एक समझौते पर भी बात हुई। इससे सीमा पर जांच की प्रक्रिया आसान होगी और समय की बचत भी होगी। डिजिटल सिस्टम के इस्तेमाल को बढ़ाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी सहमति बनी, जिससे व्यापार और ज्यादा सुगम हो सके।
बता दें कि भारत-भूटान सीमा पर कुल 10 आधिकारिक व्यापारिक बिंदु हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल और असम के क्षेत्र शामिल हैं। इन बिंदुओं पर सुविधाओं को बेहतर बनाने और व्यापार को आसान बनाने पर चर्चा की गई। इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम जैसे मॉर्डन चीजों के जरिए माल की देखरेख को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा सीमा पर मौजूद ढांचे को मजबूत करने और प्रक्रियाओं को एक जैसा बनाने के प्रयासों पर भी विचार हुआ, ताकि व्यापार में किसी तरह की बाधा न आए और काम तेजी से हो सके।
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इस बैठक के दौरान भूटान के प्रतिनिधियों ने कोच्चि पोर्ट का दौरा भी किया, जहां उन्हें बंदरगाह के कामकाज के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने देखा कि किस तरह जहाजों की आवाजाही, माल की लोडिंग-अनलोडिंग और कंटेनर सिस्टम काम करता है। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और आधुनिक तकनीक जैसे सैटेलाइट फोन और ऑटोमेटिक सिस्टम के इस्तेमाल के बारे में भी बताया गया। इस दौरे से दोनों देशों के बीच समझ और सहयोग को और मजबूती मिली है।