Aakash Waghmare
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
16 Jan 2026
जालंधर। पंजाब के जालंधर में मशहूर 114 वर्षीय बुजुर्ग एथलीट फौजा सिंह की मौत के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हादसे के आरोपी NRI अमृतपाल सिंह ढिल्लों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करतारपुर के दासूपुर गांव का रहने वाला है और 8 दिन पहले ही कनाडा से भारत लौटा था।
पुलिस ने आरोपी की कार टॉयोटा फॉर्च्यूनर (PB 20C 7100) को भी बरामद कर लिया है, जो एक्सीडेंट के वक्त घटनास्थल पर मौजूद थी। आरोपी से थाना भोगपुर में पूछताछ की गई है और बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
SSP हरविंदर सिंह विर्क ने जानकारी दी कि फौजा सिंह अपने घर से रोज की तरह सैर के लिए निकले थे। जब वे जालंधर-पठानकोट हाईवे पर पहुंचे, तो पीछे से आ रही तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 14 जुलाई को उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, फौजा सिंह का अंतिम संस्कार अभी नहीं हुआ है, क्योंकि उनके बेटे, बेटियां और रिश्तेदार कनाडा से लौट रहे हैं। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
हादसे के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो क्राइम सीन से गाड़ी के कुछ टूटे हुए हिस्से बरामद किए गए। इन टुकड़ों को विशेषज्ञों को दिखाया गया, जिससे पता चला कि वे पुराने मॉडल की फॉर्च्यूनर के थे। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज खंगालना शुरू किया।
करीब 40 गाड़ियों की जांच के बाद एक फॉर्च्यूनर ऐसी मिली, जिसके सामने से वही हिस्सा गायब था जो घटनास्थल से मिला था। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि एक्सीडेंट इसी गाड़ी से हुआ है।
गाड़ी की नंबर प्लेट से पता चला कि यह फॉर्च्यूनर वरिंदर सिंह नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है, जो कपूरथला के अठौली गांव का रहने वाला है। पूछताछ में वरिंदर सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले NRI अमृतपाल सिंह ढिल्लों ने उससे यह गाड़ी खरीदी थी। इसके बाद पुलिस ने अमृतपाल को गिरफ्तार किया और उससे फॉर्च्यूनर भी बरामद की।
पूछताछ में आरोपी अमृतपाल सिंह ने बताया कि वह मुकेरियां की तरफ से लौट रहा था, जहां उसने अपना मोबाइल फोन बेचा था। जब वह ब्यास पिंड के पास पहुंचा तो एक बुजुर्ग उनकी गाड़ी की चपेट में आ गए। बाद में उसे पता चला कि वह फौजा सिंह थे। उस समय घबरा कर वह सीधे अपने गांव चला गया, जबकि उसे जालंधर जाना था।
अमृतपाल ने यह भी बताया कि वह कनाडा में लेबर का काम करता है, उसके पास 2027 तक का वर्क परमिट है। उसके पिता की मौत हो चुकी है और मां अभी कनाडा में ही रह रही हैं। उसके पास भारत का ड्राइविंग लाइसेंस भी है।
फिलहाल, पुलिस अब अमृतपाल सिंह को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि हादसे की परिस्थितियों की और जानकारी जुटाई जा सके।