
नई दिल्ली। लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के पारित होने के बाद देश के कई हिस्सों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पश्चिम बंगाल, गुजरात, बिहार, झारखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और असम सहित कई राज्यों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए।
इस बीच उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी 75 जिलों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है और राजधानी लखनऊ में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
अहमदाबाद और कर्नाटक में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी
गुजरात के अहमदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने हाथों पर काली पट्टियां बांधी और “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए। उनके पोस्टर्स पर “वक्फ बिल वापस लो” और “UCC रिजेक्ट करो” जैसे नारे लिखे थे। यहां पुलिस ने 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।
कर्नाटक और हैदराबाद में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किए और वक्फ संशोधन विधेयक को मुस्लिम विरोधी और संवैधानिक अधिकारों के विरुद्ध बताया।
कोलकाता में सड़कें जाम, ममता बनर्जी का बीजेपी पर निशाना
कोलकाता के पार्क सर्कस क्रॉसिंग पर भारी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग जमा हुए और विधेयक को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के चलते यातायात भी प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और इसे देश को बांटने का प्रयास बताया।
दिल्ली में भी अलर्ट, जामिया इलाके में फ्लैग मार्च
दिल्ली पुलिस ने भी एहतियात के तौर पर जामिया नगर इलाके में फ्लैग मार्च निकाला और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल बढ़ाया गया है।
अशफाक सैफी को मिली जान से मारने की धमकी
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशफाक सैफी को वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने पर जान से मारने की धमकी मिली है। जानकारी के अनुसार उनके बहनोई के साथ मारपीट की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तमिलनाडु में विजय की पार्टी ने जताया विरोध
रांची में भी हंगामा हो रहा है। लोगों ने कहा कि वक्फ बिल देश के लिए सही नहीं है, मुस्लिमों के लिए सही नहीं है। बिहार में भी बिल के विरोध में लोग सड़कों पर हैं। तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम के कार्यकर्ताओं ने बिल का विरोध किया।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने किया समर्थन
जहां कई मुस्लिम संगठनों ने इस विधेयक का विरोध किया है, वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इसे मुस्लिमों के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन होगा और मुस्लिम समुदाय को लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने लोगों से सड़कों पर न उतरने की अपील की।
वक्फ संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे AIMIM सांसद ओवैसी
इधर, वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दो याचिका लगाई गई। बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने यह याचिका लगाई है। राज्यसभा से गुरुवार को बिल पास होने के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। तमिलनाडु की DMK ने भी याचिका लगाने की बात कही थी।
वक्फ संशोधन विधेयक संसद में पास
- इस विधेयक को 2 अप्रैल की रात लोकसभा में और 3 अप्रैल को राज्यसभा में पारित किया गया।
- लोकसभा में 520 सांसदों ने मतदान किया, जिसमें 288 ने समर्थन और 232 ने विरोध में वोट डाले।
- राज्यसभा में बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े।