शाजापुर। स्थानीय जेल से एक कैदी पाइप के सहारे फिल्मी अंदाज में फरार हो गया। 15 मार्च की दोपहर करीब 12 बजे जेल से भागने वाला जीवन उर्फ जयराम कई दिनों तक पुलिस को छकाता रहा, लेकिन उसकी ‘भागमभाग’ का अंत छत्तीसगढ़ में उसकी ससुराल पर हुआ। पुलिस टीम ने लंबी खोजबीन के बाद उसे वहीं से दबोच लिया और कड़ी सुरक्षा के बीच वापस शाजापुर ले आई।
जेल और पुलिस महकमे में हड़कंप
करीब चार महीने से जेल में बंद इस कैदी के फरार होते ही जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। जेल अधीक्षक डीके पगारे के निर्देश पर तत्काल एक स्पेशल टीम गठित की गई। हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी गई, CCTV फुटेज खंगाले गए और मुखबिरों को सक्रिय किया गया। पुलिस के लिए यह मामला प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका था, इसलिए हर एंगल से जांच शुरू कर दी गई।
जांच के दौरान पुलिस को बड़ा सुराग हाथ लगा कि फरार कैदी छत्तीसगढ़ में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने बिना समय गंवाए वहां दबिश दी। फिल्मी अंदाज में हुई इस कार्रवाई में आरोपी को उसकी ससुराल से पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि वह यहां खुद को सुरक्षित समझकर छिपा बैठा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजर से बच नहीं सका। गिरफ्तारी के बाद उसे सख्त सुरक्षा में वापस शाजापुर लाया गया।
कैदी के मुताबिक वह जेल की दीवार फांदने के बाद दो-तीन मोटरसाइकिल वालों से लिफ्ट लेकर बेरछा रेलवे स्टेशन पहुंचा था। किराए और खर्च के लिए उसने लोगों से रुपए मांगे। इसके बाद वह तीन अलग-अलग ट्रेनों से छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा भोयाटोला स्थित अपनी ससुराल पहुंचा था।
पकड़े जाने के बाद कैदी ने मीडिया के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि किस तरह उसने जेल से भागने की योजना बनाई और लंबा सफर तय कर छत्तीसगढ़ पहुंचा। हालांकि, इस बीच उसने एक नया मोड़ देते हुए एक सब इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप भी जड़ दिए। आरोपी का कहना है कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है और उसने कोई गलती नहीं की। फिलहाल वह घायल हालत में है, उसके पैर में दर्द है और खड़े होने में भी परेशानी हो रही है। अब इस पूरे मामले में पुलिस और जेल प्रशासन आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटे हैं।