जबलपुर। शराब दुकानों के टेंडर इस बार माइनस में जाने के बावजूद आम लोगों को राहत नहीं मिलेगी। 1 अप्रैल से जिले में शराब की कीमतें बढ़ा दी जाएंगी। खास बात यह है कि अभी भी 54 दुकानों के टेंडर बाकी हैं, जिनकी प्रक्रिया 31 मार्च को पूरी होगी। इसके बावजूद तय है कि नई रेट लिस्ट के अनुसार ही शराब बिक्री होगी।
आबकारी विभाग के अनुसार जिले में कुल 143 शराब दुकानें हैं। इनमें से अब तक 89 दुकानों के टेंडर हो चुके हैं, जबकि 54 दुकानें अभी बाकी हैं। इन शेष दुकानों के लिए ठेकेदारों को खुली छूट दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार टेंडर भर सकते हैं चाहे वह पिछली बार से कम ही क्यों न हो।
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सरकार ने इस बार 143 दुकानों के लिए करीब 1100 करोड़ रुपए का टेंडर लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक सिर्फ 615 करोड़ रुपए ही प्राप्त हुए हैं। शेष 54 दुकानों से करीब 460 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अंतिम आंकड़ा 31 मार्च के टेंडर के बाद ही सामने आएगा।
शुरुआत में सरकार ने शराब दुकानों के टेंडर 20 प्रतिशत बढ़ी हुई दरों पर आमंत्रित किए थे, लेकिन ऊंची कीमतों के चलते कई बार टेंडर नहीं उठे। इसके बाद दरों को माइनस 4 प्रतिशत तक लाया गया, लेकिन फिर भी ठेकेदारों की दिलचस्पी नहीं दिखी। आखिरकार सरकार ने खुली निविदा की छूट दे दी, जिसमें ठेकेदार अपनी मर्जी से बोली लगा सकते हैं।
टेंडर चाहे कम कीमत पर क्यों न गए हों, लेकिन नई आबकारी नीति के तहत शराब की रिटेल कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। यानी ठेकेदारों को भले ही दुकान कम कीमत में मिली हो, लेकिन ग्राहकों को शराब महंगे दामों पर ही खरीदनी पड़ेगी।
बीते कुछ दिनों में शहर में शराब अपेक्षाकृत सस्ते दामों पर मिल रही थी, क्योंकि पुराने ठेकेदार अपना बचा हुआ स्टॉक खत्म कर रहे थे। लेकिन 1 अप्रैल से नई दरें लागू होते ही सभी दुकानों पर नई रेट लिस्ट के अनुसार ही बिक्री होगी।
सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे ने बताया कि 54 दुकानों के टेंडर अभी शेष हैं और ठेकेदारों को अपनी शर्तों पर बोली लगाने की छूट दी गई है। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा कि किसे दुकान आवंटित की जाए।