पटना। बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने मंगलवार को पार्टी छोड़ने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने जदयू से अपना नाता खत्म कर लिया है और आगे की राजनीतिक दिशा पर जल्द निर्णय लेंगे। त्यागी लंबे समय से पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और संगठन में उनकी अहम भूमिका रही है।
केसी त्यागी समता पार्टी और जनता दल के विलय के बाद अक्टूबर 2003 में बनी जदयू से जुड़े थे। उन्होंने पार्टी में मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसके अलावा, वे राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। उनके अनुभव और संगठनात्मक योगदान को जदयू में काफी अहम माना जाता रहा है।
त्यागी ने अपने फैसले के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि इस बार उन्होंने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया। सदस्यता अभियान समाप्त होने के साथ ही उन्होंने खुद को पार्टी से अलग कर लिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के वंचित वर्गों, दलितों, किसानों और कृषि श्रमिकों के हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले की तरह कायम रहेगी। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति व्यक्तिगत सम्मान बनाए रखने की बात भी कही।
त्यागी ने कहा कि वे अपने सहयोगियों और समर्थकों से चर्चा के बाद जल्द ही आगे की रणनीति तय करेंगे। इसी क्रम में 22 मार्च 2026 को नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में समान विचारधारा वाले लोगों की एक बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे चौधरी चरण सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं के विचारों से प्रेरणा लेते रहेंगे। उल्लेखनीय है कि बिहार में एक दिन पहले ही राज्यसभा के चुनाव हुए हैं। इसमें एनडीए ने सभी पांचों सीटों पर जीत हासिल की है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।