उत्तर प्रदेश के बांदा में स्थित एक विशेष अदालत ने बच्चों के यौन शोषण के मामले में एक दंपती को फांसी की सजा सुनाई है। दंपती पर 33 मासूम बच्चों के साथ यौन शोषण करने और उनकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो विदेशों में बेचने का आरोप था।
अदालत के अनुसार, आरोपियों ने बच्चों की मासूमियत के साथ घिनौनी हरकतें कीं और उनके अश्लील वीडियो व तस्वीरें बनाकर विदेशों में बेचीं। इस अपराध से उन्होंने लाखों रुपये कमाए।
यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बाद सामने आया। करीब पांच साल पहले सीबीआई ने सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के समय आरोपियों के घर से पेन ड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इन उपकरणों में अपराध से जुड़े कई अहम सबूत मिले।
विशेष अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयान सुनने के बाद दोनों को दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि यह मामला दुर्लभतम और बेहद जघन्य है, जिसमें बच्चों का भविष्य अंधकारमय किया गया। इसी वजह से दोनों आरोपियों को मृत्युदंड दिया गया।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि हर पीड़ित बच्चे के परिवार को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। यह राशि बच्चों के इलाज, पुनर्वास और भविष्य के लिए दी जाएगी।