नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 23 जुलाई से चार दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस यात्रा में वह पहले ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) जाएंगे और फिर मालदीव की यात्रा करेंगे। यह दौरा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके जरिए भारत ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर अंतिम मुहर लगाएगा और मालदीव के साथ बिगड़ते रिश्तों में नई ऊर्जा का संचार करने की कोशिश करेगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत की विदेश नीति, आर्थिक हितों और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक प्रभाव को मजबूत करने के लिहाज से ऐतिहासिक मानी जा रही है।
पीएम मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत ब्रिटेन से कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करना है, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच पिछले तीन वर्षों से लगातार बातचीत चल रही थी। माना जा रहा है कि इस समझौते से भारत और ब्रिटेन के बीच मौजूदा 60 अरब डॉलर के व्यापार को 2030 तक दोगुना करने का रास्ता साफ हो जाएगा।