नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर देश को संबोधित करने से पहले तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनावी रैली के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे देशवासियों के बीच अपना दुख व्यक्त करना चाहते हैं, क्योंकि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में अधिक प्रतिनिधित्व देने का उनका प्रयास सफल नहीं हो सका।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने विपक्ष को साफ तौर पर यह प्रस्ताव दिया था कि वे इस बिल का पूरा श्रेय ले सकते हैं। उनका मकसद सिर्फ इतना था कि आम परिवारों की महिलाओं को राजनीति में आगे लाया जाए और उन्हें प्रतिनिधित्व मिले। लेकिन यह पहल सफल नहीं हो पाई, जो उनके लिए निराशाजनक है।
दरअसल, शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश किया गया था, लेकिन यह पारित नहीं हो सका। यह बिल आवश्यक समर्थन हासिल नहीं कर पाया और 54 वोटों से गिर गया।