ब्रिटेन पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी : प्रधानमंत्री स्टार्मर और किंग चार्ल्स से करेंगे मुलाकात, ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर होंगे हस्ताक्षर

लंदन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ब्रिटेन पहुंच गए हैं। यह उनका चौथा ब्रिटेन दौरा है, जो ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के न्योते पर हो रहा है। यह पहली बार है जब मोदी और स्टार्मर एक द्विपक्षीय बैठक में आमने-सामने होंगे। इस यात्रा को भारत-यूके संबंधों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान दोनों देशों के बीच वर्षों से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं।
किंग चार्ल्स से भी होगी मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटिश सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय से भी शिष्टाचार मुलाकात तय है। यह मुलाकात भारत-ब्रिटेन के पारंपरिक संबंधों को और मजबूत करेगी। साथ ही, पीएम मोदी India-UK 2035 विजन लॉन्च करेंगे, जिसका उद्देश्य आने वाले दशकों में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देना है।
क्या है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA)?
FTA (मुक्त व्यापार समझौता) ऐसा समझौता होता है, जिसमें दो देश व्यापार को आसान बनाने के लिए एक-दूसरे पर लगने वाले टैक्स (ड्यूटी) को कम या खत्म कर देते हैं। इससे आयात-निर्यात की लागत घटती है, जिससे कंपनियों और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा होता है।
भारत-यूके FTA की खास बातें
- यह समझौता तीन साल की बातचीत के बाद अब जाकर अंतिम चरण में पहुंचा है।
- भारत की लेदर, जूते, कपड़े, खिलौने, रत्न-ज्वेलरी जैसी श्रम-आधारित इंडस्ट्री को यूके में टैक्स में राहत मिलेगी।
- यूके की स्कॉच व्हिस्की, लग्जरी कारें, सौंदर्य प्रसाधन, फर्नीचर और मछली उत्पाद भारत में सस्ते मिल सकेंगे।
- FTA से दोनों देशों के बीच व्यापार को 2030 तक 120 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।
भारत को क्या लाभ?
- भारत की 99% वस्तुओं को यूके में जीरो ड्यूटी की सुविधा मिलेगी।
- निर्यात में बढ़ोतरी से नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
- भारतीय पेशेवरों को वीज़ा और सामाजिक सुरक्षा जैसे मामलों में छूट मिलेगी।
- सोशल सिक्योरिटी समझौते से भारतीय कामगारों को सालाना 4000 करोड़ रु. तक की बचत होगी।
- टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को सीधा लाभ।
ब्रिटेन को क्या फायदा?
- यूके की 90% वस्तुओं पर भारत में लगने वाला टैरिफ खत्म या कम होगा।
- स्कॉच व्हिस्की पर 150% ड्यूटी घटकर अगले 10 वर्षों में 40% तक आ सकती है।
- जगुआर-लैंड रोवर, रोल्स रॉयस, डियाजियो जैसी कंपनियों की बिक्री भारत में बढ़ेगी।
- यूके के निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत में एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारी बनेगी।
किन उत्पादों के दाम होंगे सस्ते?
भारत में:
- स्कॉच व्हिस्की, बीयर, वाइन
- जगुआर, रेंज रोवर जैसी लग्जरी कारें
- बिस्किट, चॉकलेट, कॉस्मेटिक्स
- मछली (सैल्मन), भेड़ का मांस
- एयरक्राफ्ट उपकरण, इंडस्ट्रियल मशीनरी
ब्रिटेन में:
- भारतीय रत्न-ज्वेलरी
- लेदर, फुटवियर
- कपड़े, टेक्सटाइल
- ऑटो पार्ट्स, खिलौने
- सीफूड, इलेक्ट्रिक वाहन
रोजगार और निवेश पर असर
FTA के जरिए नई नौकरियां पैदा होंगी, खासकर टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में। ब्रिटेन की लगभग 26 कंपनियां भारत में निवेश की तैयारी में हैं। एयरबस और रोल्स रॉयस भारत को नए विमानों की आपूर्ति शुरू करेंगी।
सामाजिक और रणनीतिक लाभ
यह डील न केवल व्यापार बल्कि रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा एवं रिसर्च, और जन-संपर्क को भी मजबूती देगी। India-UK 2035 विजन के तहत दोनों देश ग्लोबल इनोवेशन और टिकाऊ विकास में सहयोग बढ़ाएंगे।
अमेरिका पर क्या असर?
ब्रिटेन के साथ FTA पर हस्ताक्षर भारत के लिए अमेरिका पर निर्भरता कम करने का संकेत है। यह बताता है कि भारत अब पश्चिमी देशों के बड़े बाजारों तक संतुलित और स्वतंत्र पहुंच बना रहा है।











