नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस समय क्षेत्र के हालात बेहद चिंताजनक हैं और पिछले तीन हफ्तों से अधिक समय से जारी इस संकट का आम लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है। उन्होंने आगे सदन को संबोधित करते हुए बताया कि विदेश मंत्री एस, जयशंकर पहले ही इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी दे चुके हैं। मोदी का यह भी कहना है कि भारत सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ क्षेत्रीय संकट नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है। ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और आम जनजीवन पर इसके नकारात्मक प्रभाव सामने आ रहे हैं। ऐसे में पूरी दुनिया इस संघर्ष के जल्द समाधान की उम्मीद कर रही है। बैठक में मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालात और उसके भारत पर संभावित असर की समीक्षा की गई। इस दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश में किसी भी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी।