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पीएम मोदी ने कहा- मैं लुटियन जमात और खान मार्केट गैंग से हैरान हूं, ड्रामेटिक परफॉर्मेंस एक्ट को हमारी सरकार ने हटाया

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को भारत मंडपम एनएक्सटी कॉनक्लेव में हिस्सा लेने पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं लुटियन जमात और खान मार्केट गैंग से हैरान हूं कि वे इतने सालों से चुप हैं। जो लोग पीआईएल के ठेकेदार हैं, जो हर रोज कोर्ट आते जाते रहते हैं, यह लोग 75 साल से ऐसे कानून पर चुप क्यों हैं। ये बातें पीएम मोदी ने ड्रामेटिक परफॉर्मेंस एक्ट को लेकर कही।

ड्रामेटिक परफॉर्मेंस एक्ट को हमारी सरकार ने हटाया- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने ड्रामेटिक परफॉर्मेंस एक्ट के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ये कानून अंग्रेजों ने 150 साल पहले बनाया था। अंग्रेज चाहते थे कि थिएटर और ड्रामे में कोई भी कार्यक्रम उनके खिलाफ न हो। इस कानून में प्रावधान था कि अगर पब्लिक प्लेस पर 10 लोग डांस करते दिख जाएं, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। अगर, शादी के दौरान बारात निकलते वक्त 10 लोग डांस कर रहे हैं, तो पुलिस उन्हें अरेस्ट कर सकती थी। देश के आजाद होने के 75 साल तक यह कानून चलता रहा। ये कानून हमारी सरकार ने हटाया। मुझे उस समय की सरकार और नेताओं से कुछ नहीं कहना है।

दुनियाभर के दोशों की नजर भारत पर

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया भर की नजर भारत पर टीकी हुई है। दुनिया भर से लोग आज भारत आना चाहते हैं। आज भारत दुनिया का वो देश है, जहां पॉजिटिव न्यूज लगातार क्रिएट हो रही है, न्यूज मैन्युफैक्चर नहीं करनी पड़ रही है, जहां हर रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रयागराज एकता महाकुंभ 26 फरवरी को संपन्न हुआ है। दुनिया हैरान है कि कैसे करोड़ों लोग एक नदी के तट पर स्नान करने आते हैं।

AI और G20 समिट में रहा भारत का बड़ा दबदबा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी हालिया फ्रांस यात्रा को लेकर बताया कि भारत अब दुनिया के बड़े समिट्स की अगुआई कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे फ्रांस में एआई समिट में शामिल होने का अवसर मिला। भारत इस समिट का को-होस्ट भी था। अब इसे आयोजित करने की बारी भारत की है। भारत ने G20 की अध्यक्षता करते हुए इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEEC) का खाका पेश किया। अफ्रीकी संघ को G20 के सदस्य के रूप में शामिल करके हमने आवाज दी है।

बांस काटने में हो जाती थी जेल

पीएम मोदी ने पुराने कानूनों की बात करते हुए कहा कि पहले बांस को काटने पर लोगों को जेल हो जाती थी, क्योंकि हमारे देश में एक ऐसा कानून था, जो बांस को पेड़ मानता था। पिछली सरकारें यह समझने में विफल रहीं कि बांस एक पेड़ नहीं है। हमारी सरकार ने वह कानून बदला है।

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