नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 11 बजे दोनों सदनों की कार्यवाही से पहले संसद परिसर में पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों से मुलाकात की। उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य के मौजूदा हालात को लेकर कहा कि जनता से संवाद करने की सलाह दी और इसे जरूरी बताया। वहीं शीतकालीन सत्र पहली बार बिना हंगामे के शुरू हुआ।
पीएम मोदी ने आगे सांसदों से कहा की राज्य में जो कुछ हो रहा है उस पर कड़ा विरोध जताना जरूरी है। इसके अतिरिक्त पीएम ने सांसदो से 2026 के विधानसभा चुनाव की तौयारी को लेकर, संसद में डिजिटल प्रेजेंटेशन तैयार करने, पॉलिटिकल प्लानिंग के साथ ही ग्राउंड पर उतर कर लोगोंं को संगठित करने की भी बात कही। इसके साथ ही मोदी बोले कि खगेन मुर्मू पर हमलो जैसी घटनाओं को उजागर करना भी जरूरी है।
बंगाल सासंदो से मीटिंग करते हुए बताया कि आप लोग बहुत आगे आ चुके हैं। सत्ता की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ पीएम ने सांसदो को समझाइश दी कि सोशल मीडिया का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करे। वहीं इससे पहले मंगलवार को मोदी ने असम के एनडीए सांसदों से भी मिले। बता दें अगले साल बंगाल के साथ ही असम में भी विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में दोनों ही राज्यों में सांसदों का बेहतर संवाद और प्रदर्शन जरूरी है।
साल 2026 में होने वाले बंगाल के चुनाव से पहले पीएम ने कहा कि SIR प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल न बनाएं। इसे सरल और सुचारू रूप से होने दें। साथ ही कहा कि यह संदेश हर बूथ स्तर तक पहुंचना चाहिए। उनका कहना है कि वोटर वेरिफिकेशन की प्रोसेस स्पष्ट और दक्षता सरल रहे। पीएम ने आने वाले बंगाल चुनाव के लिए नेताओं को आत्मविश्वास बनाएं रखने और फोकस्ड रहने की सलाह दी।