राम मंदिर के लिए 11 दिन के अनुष्ठान की शुरुआत, महाराष्ट्र के नासिक पहुंचे पीएम मोदी; पूजा-अर्चना के बाद कालाराम मंदिर के प्रांगण में पोछा लगाया

नई दिल्ली। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में अब केवल कुछ दिन ही बचे हैं। अयोध्या में जोरों-शोरों के साथ तैयारियां चल रही हैं। प्राण प्रतिष्ठा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिन का विशेष अनुष्ठान भी शुरू कर दिया है। पीएम मोदी ने अपने अनुष्ठान की शुरुआत नासिक के पंचवटी से कर दी है। पीएम मोदी ने कालाराम मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मंदिर प्रांगण में सफाई की, पोंछा लगाया। पीएम मोदी ने मंजीरा बजाया और कीर्तन भी किया। माना जा रहा है कि अनुष्ठान के बचे बाकी 10 दिन पीएम मोदी भगवान राम के समय से जुड़ी जगहों पर जा सकते हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा- सोने पर सुहागा देखिए, आज माता जीजाबाई की जयंती भी है। माता जीजाबाई, जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में एक महामानव को जन्म दिया था। आज हम अपने भारत को जिस अक्षुण्ण रूप में देख रहे हैं, उसमें माता जीजाबाई का बहुत बड़ा योगदान है। आज जब मैं माता जीजाबाई का पुण्य स्मरण कर रहा हूं, तो सहज रूप से अपनी मां की याद आना स्वाभाविक है। मेरी मां जीवन के अंत माला जपते हुए सीताराम ही जपा करती थीं। उन्होंने कहा- प्राण प्रतिष्ठा के दौरान 140 करोड़ भारतीय उस पल में मेरे साथ मन से जुड़ जाएंगे और जब में आपकी ऊर्जा को साथ लेकर गर्भगृह में प्रवेश करूंगा, तो मुझे भी एहसास होगा कि मैं अकेला नहीं, आप सब भी मेरे साथ हैं।
पीएम मोदी ने शेयर किया ऑडियो मैसेज
पीएम मोदी ने ऑडियो मैसेज पोस्ट कर कहा- अब राम लला की प्राण प्रतिष्ठा में केवल 11 दिन ही बचे हैं। प्रभु ने मुझे प्राण प्रतिष्ठा के दौरान सभी भारतवासियों का प्रतिनिधित्व करने का निमित्त बनाया है। पीएम मोदी ने अपने ऑडियो मैसेज की शुरुआत, सियावर रामचंद्र की जय, मेरे प्यारे देशवासियों और राम-राम के नाम से की। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम लला की पवित्र प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ 11 दिन बचे हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी इस पुण्य अवसर का साक्षी बनने का अवसर मिल रहा है। साथियो, मेरा ये सौभाग्य है कि 11 दिन के अपने अनुष्ठान का आरंभ मैं नासिक धाम पंचवटी से कर रहा हूं। पंचवटी वो पावनधरा है, जहां प्रभु श्रीराम ने काफी समय बिताया था।
पीएम मोदी ने आगे कहा- सोने पर सुहागा देखिए, आज माता जीजाबाई की जयंती भी है। माता जीजाबाई, जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में एक महामानव को जन्म दिया था। आज हम अपने भारत को जिस अक्षुण्ण रूप में देख रहे हैं, उसमें माता जीजाबाई का बहुत बड़ा योगदान है। आज जब मैं माता जीजाबाई का पुण्य स्मरण कर रहा हूं, तो सहज रूप से अपनी मां की याद आना स्वाभाविक है। मेरी मां जीवन के अंत माला जपते हुए सीताराम ही जपा करती थीं। उन्होंने कहा- प्राण प्रतिष्ठा के दौरान 140 करोड़ भारतीय उस पल में मेरे साथ मन से जुड़ जाएंगे और जब में आपकी ऊर्जा को साथ लेकर गर्भगृह में प्रवेश करूंगा, तो मुझे भी एहसास होगा कि मैं अकेला नहीं, आप सब भी मेरे साथ हैं।
पंचवटी में राम जी ने बिताया था समय
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान राम ने पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ यहां कुछ वक्त बिताया था। पंचवटी का नाम पंच और वटी से बना है। पंच का अर्थ पांच से होता है और वटी का अर्थ बरगद के पेड़ से है। इस जगह पर माता सीता की गुफा भी स्थित है।
नेशनल यूथ फेस्टिवल का किया उद्घाटन
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के नासिक में 27वें नेशनल यूथ फेस्टिवल का उद्घाटन किया। 16 जनवरी तक चलने वाले इस फेस्टिवल में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस बार फेस्टिवल की थीम 'विकसित भारत@2047 रखी गई है। इस फेस्टिवल में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के हजारों प्रतिभागी और कई टीमें भाग लेंगी। इससे पहले पीएम मोदी ने नासिक में रोड शो किया।












