Manisha Dhanwani
18 Jan 2026
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करीब 8 करोड़ सदस्यों के लिए एक बड़ा डिजिटल बदलाव लाने जा रहा है। अप्रैल 2026 से EPF का पैसा UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकेगा। इससे PF निकालना उतना ही आसान हो जाएगा, जितना आज UPI से भुगतान करना।
श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, इस नई व्यवस्था पर काम लगभग पूरा हो चुका है और तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है।
नई व्यवस्था में EPFO सदस्य अपने खाते में मौजूद योग्य (eligible) EPF बैलेंस को देख सकेंगे।
सदस्य अपने बैंक खाते से जुड़े UPI पिन डालकर ट्रांजैक्शन पूरा करेंगे। पैसा सीधे बैंक खाते में आएगा, जिसे ATM से निकाला जा सकेगा या डिजिटल भुगतान में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
फिलहाल PF निकालने के लिए EPFO में क्लेम फाइल करना पड़ता है।
हर साल EPFO को 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम निपटाने पड़ते हैं, जिनमें ज्यादातर PF निकासी से जुड़े होते हैं। नई UPI व्यवस्था इसी दबाव को कम करने के लिए लाई जा रही है।
EPFO पहले ही ऑटो-सेटलमेंट की सीमा बढ़ा चुका है-
पहले: 1 लाख रुपए
अब: 5 लाख रुपए
इससे बीमारी, शिक्षा, शादी और मकान जैसी जरूरतों के लिए सदस्य जल्दी PF निकाल पा रहे हैं।
EPFO के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है, इसलिए वह सीधे नकद निकासी की सुविधा नहीं दे सकता। हालांकि सरकार चाहती है कि EPFO की सेवाएं बैंकों जैसी हों और UPI इस दिशा में एक बड़ा कदम है।
अक्टूबर 2025 में EPFO की शीर्ष संस्था Central Board of Trustees (CBT) ने PF निकासी के नियम आसान करने को मंजूरी दी थी।
अब 13 जटिल नियमों को मिलाकर सिर्फ तीन कैटेगरी बनाई गई हैं-
घर खरीदने या बनाने से जुड़ी जरूरतें
विशेष परिस्थितियां
इन नियमों को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द लागू किया जाएगा।
हां, नए नियमों के तहत सदस्य अपने EPF खाते की 100% योग्य राशि निकाल सकेंगे, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान शामिल होगा। हालांकि, योजना के अनुसार खाते में कम से कम 25% राशि न्यूनतम बैलेंस के रूप में बनी रहेगी, ताकि-
UPI आधारित EPF निकासी सुविधा PF को सिर्फ एक रिटायरमेंट फंड नहीं, बल्कि जरूरत के समय तुरंत मिलने वाला आर्थिक सहारा बना देगी-वह भी बिना लंबी प्रक्रिया और कागजी झंझट के।