बंगाल में CM पर फैसला तय करने उतरेंगे अमित शाह,असम की कमान जेपी नड्डा के हाथ

पश्चिम बंगाल और असम में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी अब सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। चुनावी जीत के बाद सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर है, और इसी को लेकर पार्टी ने बंगाल में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री बनाने की जिम्मेदारी पार्टी ने पार्टी के 'चाणक्य' अमित शाह को सौंपी है जो राजनीतिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बीजेपी संसदीय बोर्ड ने उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों नेता जल्द ही कोलकाता पहुंचकर नव निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान विधायक दल का नेता चुना जाएगा और उसी के आधार पर मुख्यमंत्री का नाम तय होगा।
असम में संगठन मजबूत रखने की जिम्मेदारी नड्डा को
जहां बंगाल में सरकार गठन पर फोकस है, वहीं असम में पार्टी अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। इसके लिए जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक बनाया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक की भूमिका दी गई है। इन दोनों नेताओं की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार गठन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि संगठन के भीतर तालमेल बनाए रखना और आगामी राजनीतिक निर्णयों की देखरेख करना होगी।
9 मई को शपथ ग्रहण
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख भी लगभग तय हो चुकी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि 9 मई को शपथ ग्रहण होगा, क्योंकि यह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती का दिन है।
बंगाल में बीजेपी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
इस बार के चुनाव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में बड़ा उलटफेर करते हुए 206 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई।












