पटना के पारस अस्पताल में फिल्मी अंदाज में मर्डर : बदमाशों ने पैरोल पर आए कैदी को ICU में घुसकर मारी, गोली; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पटना। बिहार की राजधानी पटना के राजाबाजार स्थित पारस अस्पताल में गुरुवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इलाज के लिए भर्ती एक कैदी को अस्पताल के ICU में घुसकर चार अपराधियों ने गोलियों से छलनी कर दिया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पैरोल पर चल रहा था अपराधी चंदन मिश्रा
गोली लगने वाला शख्स चंदन मिश्रा है, जो बक्सर जिले का रहने वाला था। वह हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और इस वक्त इलाज के लिए पटना के बेऊर जेल से 15 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे पारस अस्पताल में भर्ती किया गया था।
चंदन मिश्रा को 2011 में बक्सर के चूना व्यवसायी राजेंद्र केसरी की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था। 2012 में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी। उस पर हत्या, रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र के कई मामले दर्ज थे।
ICU में घुसकर मारी गई गोली
घटना शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में स्थित पारस अस्पताल की है। चार अपराधी एक कार से आए और सीधे अस्पताल में घुस गए। बिना किसी डर के वे ICU तक पहुंचे और चंदन मिश्रा को गोलियों से छलनी कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चंदन को तीन से चार गोलियां मारी गईं। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शास्त्री नगर और राजीव नगर थाने की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की।
SSP बोले- विरोधी गुट ने की हत्या
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चंदन मिश्रा एक कुख्यात अपराधी था और उस पर कई संगीन मुकदमे दर्ज थे। वह पहले बक्सर जेल में था, लेकिन उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उसे भागलपुर और फिर बेऊर जेल शिफ्ट किया गया था। एसएसपी ने आशंका जताई कि चंदन के विरोधी गैंग ने ही उसे निशाना बनाया है।
चंदन की आपराधिक पृष्ठभूमि
- 2011 में राजेंद्र केसरी की हत्या में नाम आया सामने।
- हत्या से पहले रंगदारी मांगी गई थी।
- कोलकाता से हुई थी गिरफ्तारी।
- हत्या के बाद चंदन और उसके साथी शेरू सिंह पर 50,000 रुपए का इनाम घोषित।
- 2009 से 2012 के बीच डेढ़ दर्जन अपराधों में शामिल।
- शेरू को फांसी की सजा मिली थी जिसे हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदला।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं सामने
इस सनसनीखेज घटना पर राजनीति भी गरमा गई है।
- तेजस्वी यादव ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “ICU में मर्डर! बिहार में कोई सुरक्षित नहीं। 2005 से पहले ऐसे होता था जी?”
- JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने जवाबी हमला करते हुए कहा, “राबड़ी देवी की सरकार में 1998 में मंत्री ब्रज बिहारी प्रसाद की अस्पताल में हत्या हुई थी। याद है तेजस्वी जी?”
- BJP प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा, “चंदन जैसे अपराधी के साथ यही होता है। चाहे जेल में मरे या गोली से, बुरे काम का बुरा नतीजा मिलता है।”
सवालों के घेरे में अस्पताल की सुरक्षा
बिहार की राजधानी पटना जैसे संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में, एक बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल में ICU के अंदर गोलीबारी की घटना ने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
- सवाल यह है कि चार हथियारबंद लोग इतनी आसानी से अस्पताल में कैसे दाखिल हो गए?
- CCTV, सिक्योरिटी गार्ड्स और मेटल डिटेक्टर कहां थे?
पुलिस ने मौके से कुछ अहम सबूत जुटाए हैं और अस्पताल का CCTV फुटेज खंगाला जा रहा है। हमलावरों की तलाश में शहर के तमाम इलाकों में छापेमारी की जा रही है। जल्द ही मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।











