भोपाल। यात्री अपनी सुविधाजनक यात्रा के लिए रिजर्वेशन कराते हैं, लेकिन यदि कंफर्म टिकट और सीट नंबर होने के बाद भी उन्हें बिना सीट यात्रा करनी पड़े तो इससे होने वाली मानसिक परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे ही दो अलग-अलग मामलों में जिला एवं राज्य उपभोक्ता आयोग ने रेलवे पर जुर्माना लगाया है। एक मामले में टीटीई यात्री की रिजर्व सीट खाली नहीं करवा पाया था, तो दूसरे मामले में रेलवे कोच लगाना ही भूल गया था।
उज्जैन निवासी पीयूष चंदेल ने पहले जिला और बाद में राज्य उपभोक्ता आयोग में दिसंबर 2023 में केस लगाया। उन्होंने गुजरात के लिए स्लीपर कोच में दो माह पहले रिजर्वेशन कराया था। ट्रेन आधी रात को उज्जैन पहुंचती है। यहां जब वह सीट तक पहुंचे तो देखा कि उनकी तीन सीट में से एक भी खाली नहीं थी, सभी पर कोई न कोई सोया हुआ था। सीट खाली कराने के लिए उन्होंने टीटीई से कहा, लेकिन सीट खाली नहीं हुई। ऐेसे में यात्रा के दौरान उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। राज्य उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को टिकट के पूरे पैसे लौटाने के साथ ही 15 हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए हैं।
दूसरे मामला 2024 का है। इसमें भोपाल के यात्री मंगलेश कुमार जोशी के अनुसार परिवार के चार सदस्यों के लिए अमृतसर एक्सप्रेस में डीएल-1 कोच की चार सीटों पर रिजर्वेशन मिला था। नागपुर स्टेशन पर जब ट्रेन पहुंची तो कोच नंबर तो डिस्प्ले तो हुआ लेकिन इसकी जगह अन्य कोच लगा था। उन्होंने अधिकारियों से जानकारी भी ली लेकिन सबने पल्ला झाड़ लिया, ऐसे में उनके परिवार को जनरल कोच में टॉयलेट के पास बैठकर सफर किया। उपभोक्ता आयोग ने इस मामले में ब्याज सहित जुर्माना लगाते हुए टिकट के पैसे वापस देने के आदेश दिए हैं जो करीब 32 हजार रुपए की राशि होती है। यह राशि दो माह में लौटानी होगी।