संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू :13 अगस्त तक चलेगा; कई अहम विधेयक आ सकते हैं

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी जानकारी दी है। आमतौर पर मॉनसून सत्र करीब चार सप्ताह का होता है, जिसमें लगभग 20 बैठकें होती हैं। हालांकि, जरूरत के हिसाब से इसकी अवधि कम या ज्यादा भी हो सकती है। यह सत्र पश्चिम बंगाल, असम, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद हो रहा है। ऐसे में चुनावी नतीजों की झलक संसद की बहस और राजनीतिक रणनीतियों में भी देखने को मिल सकती है।
किरेन रिजिजू ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक बुलाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा होगी और जरूरी फैसले लिए जाएंगे।
टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) का मुद्दा रह सकता है चर्चा में!
इस सत्र में टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का असर भी देखने को मिल सकता है। टीएमसी के 20 और शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले का इंतजार है। वहीं, राज्यसभा में नए और दोबारा चुने गए सांसदों के शपथ लेने के बाद सत्ताधारी एनडीए की स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।
सरकार ला सकती है कई अहम विधेयक
मॉनसून सत्र के दौरान सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पेश कर सकती है। खबरों के मुताबिक, इसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रावधान जोड़ा जा सकता है।
इसके अलावा 130वें संविधान संशोधन विधेयक को भी लाए जाने की संभावना है। इसमें 30 दिन से अधिक की जेल होने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री का पद छिनने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) इस विधेयक में कुछ बदलावों की सिफारिश भी कर सकती है, ताकि कानून का दुरुपयोग न हो।
इन विधेयकों पर भी रह सकती है नजर
सरकार 'एक देश, एक चुनाव' से जुड़े विधेयक को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकती है। इसके अलावा एफसीआरए संशोधन, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, एंटी डोपिंग विधेयक, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा विधेयक, कोड ऑन वेजेस सेंट्रल रूल्स, कॉर्पोरेट लॉ और सिक्योरिटीज मार्केट कोड जैसे कई अहम विधेयक भी इस सत्र में पेश किए जा सकते हैं।











