मध्य प्रदेश REAT को मिला नया चेयरमैन:रिटायर्ड जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की नियुक्ति, सरकार ने जारी किए आदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी को मध्य प्रदेश भू-संपदा अपील अधिकरण (REAT) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। REAT, रेरा के आदेशों के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई करने वाली राज्य की अपीलीय संस्था है, जो रियल एस्टेट विवादों के निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
क्या है REAT?
मध्य प्रदेश भू-संपदा अपील अधिकरण (REAT) रेरा (RERA) अधिनियम के तहत गठित एक विशेष अपीलीय संस्था है। इसका मुख्यालय भोपाल में स्थित है। यह अधिकरण रेरा प्राधिकरण (RERA) या न्याय निर्णायक अधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों और फैसलों के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई करता है। रियल एस्टेट परियोजनाओं, बिल्डरों और घर खरीदारों से जुड़े विवादों में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कब की जा सकती है अपील?
यदि किसी पक्ष को रेरा प्राधिकरण के आदेश से असहमति है, तो वह आदेश की तारीख से 60 दिनों के भीतर REAT में अपील कर सकता है। अधिकरण सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाता है।
REAT के फैसले के बाद क्या विकल्प है?
यदि कोई व्यक्ति REAT के फैसले से भी संतुष्ट नहीं होता, तो वह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अपील दायर कर सकता है।
RERA और REAT में क्या अंतर है?
अक्सर लोग RERA और REAT को एक ही संस्था समझ लेते हैं, जबकि दोनों की भूमिका अलग-अलग है। RERA (रेरा प्राधिकरण) रियल एस्टेट से जुड़े मामलों की मूल सुनवाई और आदेश जारी करता है। REAT (भू-संपदा अपील अधिकरण), RERA के आदेशों के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई करता है। यानी, यह नियुक्ति RERA प्राधिकरण में नहीं, बल्कि RERA के अपीलीय मंच (Real Estate Appellate Tribunal/मध्य प्रदेश भू-संपदा अपील अधिकरण) के अध्यक्ष के पद पर की गई है।





















