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MP News:मध्यप्रदेश में UCC कानून पर बढ़ा सस्पेंस, मानसून सत्र में पेश होना मुश्किल

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार की तैयारी अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद इसकी कानूनी प्रक्रिया में थोड़ा और समय लग सकता है। उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल बढ़ने के बाद आगामी मानसून सत्र में विधेयक पेश होने की संभावना कमजोर मानी जा रही है। हालांकि, सरकार अब भी ड्राफ्ट को अंतिम रूप देकर आगे बढ़ाने के विकल्पों पर काम कर रही है।
मध्यप्रदेश में UCC कानून पर बढ़ा सस्पेंस, मानसून सत्र में पेश होना मुश्किल
एमपी पर यूसीसी पर सस्पेंस

भोपाल। समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जबकि विधानसभा का मानसून सत्र 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। UCC का ज्यादातर मसौदा तैयार बताया जा रहा है और इसमें कई पारिवारिक मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रस्ताव शामिल है। मुख्यमंत्री के समक्ष ड्राफ्ट का प्रस्तुतीकरण भी हो चुका है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

समिति का कार्यकाल 26 जुलाई तक बढ़ा 

मध्यप्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने 30 जून को जारी अधिसूचना में यह निर्णय समिति के सदस्य सचिव के अनुरोध और ड्राफ्ट तैयार करने की प्रगति को ध्यान में रखते हुए लिया। समिति के गठन से जुड़े अन्य सभी प्रावधान पहले की तरह प्रभावी रहेंगे। इसी फैसले के बाद मानसून सत्र में विधेयक पेश होने को लेकर संशय बढ़ गया है।

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मानसून सत्र में विधेयक लाने की संभावना कम

मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 24 जुलाई को समाप्त होना है, जबकि समिति का नया कार्यकाल उससे दो दिन आगे तक रहेगा। ऐसे में विधेयक को इसी सत्र में पेश करना व्यावहारिक रूप से कठिन माना जा रहा है। हालांकि, सरकारी स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि ड्राफ्ट समय से अंतिम रूप ले लेता है तो विशेष परिस्थितियों में सरकार इसे सदन के सामने रखने का प्रयास कर सकती है। अंतिम निर्णय सरकार की तैयारियों पर निर्भर करेगा।

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गुजरात मॉडल पर तैयार हो रहा है मसौदा

बताया जा रहा है कि यूसीसी का लगभग 90 प्रतिशत मसौदा गुजरात में लागू प्रावधानों के आधार पर तैयार किया गया है। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों को समान कानूनी ढांचे में लाने की व्यवस्था शामिल की गई है। उद्देश्य यह है कि सभी समुदायों के लिए पारिवारिक मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू की जा सके।

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मुख्यमंत्री के सामने हो चुका है ड्राफ्ट का प्रेजेंटेशन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही कह चुके हैं कि मध्यप्रदेश में जल्द यूसीसी लागू किया जाएगा। 2 जुलाई को मुख्यमंत्री के समक्ष ड्राफ्ट का विस्तृत प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि समिति का कार्यकाल बढ़ने के बावजूद मसौदे को जल्द अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की रणनीति और विधानसभा की कार्यवाही पर सभी की नजर बनी रहेगी।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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