POK में हालात बिगड़े:रावलाकोट में प्रदर्शन के बीच सेना ने की अंधाधुंध फायरिंग, 30 से ज्यादा मौत की आशंका, 200 घायल

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के रावलाकोट क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार इस हिंसा में 30 लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।
यह पूरा मामला तब और ज्यादा गंभीर हो गया जब संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर कार्रवाई और कथित प्रतिबंध की खबरें सामने आईं। यह संगठन लंबे समय से क्षेत्र में आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाता रहा है।
रावलाकोट में क्या हुआ?
रावलाकोट को इस समय विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बताया जा रहा है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, यहां लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही हालात बिगड़ने की खबरें आने लगीं। आरोप है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए और कई जगहों पर बल प्रयोग की घटनाएं सामने आईं।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इस दौरान 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं, कुछ अपुष्ट दावों में यह संख्या और भी अधिक बताई जा रही है।
यह भी पढ़ें: POK में चुनाव की तैयारी पर भड़का भारत, पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी
JAAC पर कार्रवाई और बढ़ता विवाद
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) POK में लंबे समय से सक्रिय एक नागरिक समाज समूह माना जाता है। यह संगठन क्षेत्र में महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक अधिकारों जैसे मुद्दों पर आंदोलन का नेतृत्व करता रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में इस संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है और कुछ स्तर पर प्रतिबंध जैसी स्थिति बनी है। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।
इंटरनेट बंद और संचार संकट
प्रदर्शन के बीच एक और बड़ा मुद्दा इंटरनेट सेवाओं का बंद होना बताया जा रहा है। 5 जून की रात से POK के कई हिस्सों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क प्रभावित होने की खबरें हैं। इससे लोगों की आपसी बातचीत, सूचना का आदान-प्रदान और मीडिया रिपोर्टिंग पर भी असर पड़ा है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह कदम विरोध की आवाज को दबाने के लिए उठाया गया है। इंटरनेट बंद होने के कारण स्थिति की सटीक जानकारी बाहर तक पहुंचने में भी कठिनाई हो रही है।
कई इलाकों में प्रदर्शन का फैलाव
रावलाकोट में शुरू हुआ यह विरोध अब धीरे-धीरे अन्य क्षेत्रों तक फैलता दिख रहा है। रिपोर्टों के अनुसार- मुजफ्फराबाद, मीरपुर, टाटा पानी और प्लांदरी जैसे इलाकों में भी प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया गया है। कुछ जगहों पर मुख्य सड़कों को अवरुद्ध करने की खबरें भी सामने आई हैं। इससे POK के कई हिस्सों में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।
यह भी पढ़ें: PoK : पाकिस्तानी रेंजर्स का अत्याचार... प्रदर्शन कर रहे लाेगों पर की गोलीबारी, 11 की मौत
सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप
स्थानीय कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों द्वारा जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया जा रहा है। यह भी दावा किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी की घटनाएं हुईं, जिसमें कई लोगों की जान गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से भिन्न है।
आने वाला ‘लॉन्ग मार्च’ और बढ़ता तनाव
जानकारी के अनुसार एक बड़े ‘लॉन्ग मार्च’ की योजना बनाई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही कई सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। इसी बीच हालात और तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है। लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में बड़े प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।
स्थिति का आगे क्या होगा असर?
रावलाकोट और आसपास के क्षेत्रों में जारी तनाव ने पूरे पीओके में अस्थिरता की स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ जहां लोग अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कदमों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इंटरनेट बंद, प्रदर्शन और टकराव ने मिलकर स्थिति को और जटिल बना दिया है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाता है।











