नई दिल्ली। भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबित करने के अगले ही दिन पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। अब पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने संसद में स्वीकार किया है कि इस फैसले से उसे महज दो महीनों में करीब 127 करोड़ रुपए का सीधा नुकसान हुआ है।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इस घटना के बाद भारत ने 23 अप्रैल को सिंधु जल संधि निलंबित कर दी और पाकिस्तान से कूटनीतिक व व्यापारिक रिश्ते घटा दिए। जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 24 अप्रैल से 30 जून 2025 के बीच रोजाना करीब 100 से 150 भारतीय उड़ानें इस फैसले से प्रभावित हुईं। इससे पाकिस्तान को 4.10 अरब पाकिस्तानी रुपए (लगभग 127 करोड़ भारतीय रुपए) का नुकसान हुआ। बावजूद इसके, पाकिस्तान ने एयरस्पेस अगस्त के आखिरी हफ्ते तक बंद रखने का ऐलान किया है।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान को ऐसा नुकसान हुआ है। 2019 में भी पुलवामा हमले के बाद हवाई क्षेत्र बंद करने से उसे 54 मिलियन डॉलर (करीब 451 करोड़ रुपए) का घाटा उठाना पड़ा था।
दिलचस्प बात यह है कि इस वित्तीय नुकसान के बावजूद पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) की कुल कमाई में वृद्धि हुई है। 2019 में रोजाना औसत ओवरफ्लाइट से 4.24 करोड़ रुपये की कमाई होती थी, जो 2025 में बढ़कर 6.35 करोड़ रुपये हो गई।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से भारतीय एयरलाइनों को हर महीने करीब 306 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। एयर इंडिया का अनुमान है कि अगर यह स्थिति एक साल चली, तो उसे 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,081 करोड़ रुपए) का घाटा होगा।
भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले ही साफ कर दिया है कि जब बात संप्रभुता और सुरक्षा की हो, तो आर्थिक नुकसान को प्राथमिकता नहीं दी जाती। यही वजह है कि भारतीय एयरस्पेस भी पाकिस्तानी विमानों के लिए बंद है और फिलहाल इसे खोलने का कोई इरादा नहीं है।