SEBI का बड़ा प्रस्ताव:ओपन मार्केट बायबैक की वापसी पर विचार, नए टैक्स नियमों से बदले हालात

SEBI ने एक बार फिर ओपन मार्केट के जरिए शेयर बायबैक को शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।
Follow on Google News
ओपन मार्केट बायबैक की वापसी पर विचार, नए टैक्स नियमों से बदले हालात
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    SEBI ने एक बार फिर ओपन मार्केट के जरिए शेयर बायबैक को शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। करीब एक साल पहले इस तरीके को गैर-बराबरी और टैक्स असंतुलन की वजह से बंद करने की दिशा में कदम उठाए गए थे लेकिन अब परिस्थितियां बदलने के बाद रेगुलेटर इसे दोबारा लागू करने पर विचार कर रहा है।

    कंसल्टेशन पेपर में दिए संकेत

    सेबी द्वारा जारी हालिया कंसल्टेशन पेपर में कहा गया है कि ओपन मार्केट बायबैक की वापसी से बाजार को मजबूती मिल सकती है। पहले कंपनियों के पास दो विकल्प होते थे जिसमें  टेंडर ऑफर या खुले बाजार से शेयर खरीदना शामिल था। लेकिन असमानता की शिकायतों के चलते ओपन मार्केट वाले विकल्प को सीमित कर दिया गया था।

    ये भी पढ़ें: गैस सप्लाई पर संकट: होर्मुज स्ट्रेट खुलते ही खत्म नहीं होगी LPG की किल्लत, सप्लाई सामान्य होने में लगेंगे कई दिन

    पहले बंद हुआ था यह तरीका

    सेबी का मानना था कि इस प्रक्रिया में सभी निवेशकों को बराबरी का मौका नहीं मिल पाता। शेयर बाजार में खरीद-फरोख्त पूरी तरह टाइमिंग और प्राइस पर निर्भर होती है ऐसे में जिन निवेशकों का ऑर्डर मैच हो जाता था उन्हें फायदा मिल जाता था जबकि बाकी निवेशक पीछे रह जाते थे।

    टैक्स नियमों में बदलाव ने बदला खेल

    2024 में टैक्स नियमों में हुए बदलाव ने इस पूरे सिस्टम को संतुलित बना दिया है। पहले बायबैक पर टैक्स कंपनियां देती थीं और निवेशकों को टैक्स से राहत मिलती थी, जिससे असमानता पैदा होती थी। अब बायबैक से होने वाली कमाई को कैपिटल गेन माना जाता है और निवेशकों को खुद टैक्स देना होता है। इससे टैक्स का अंतर काफी हद तक खत्म हो गया है।

    कंपनियों के लिए बढ़ सकता है विकल्प

    बाजार में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच कंपनियों के पास शेयर कीमतों को संभालने के सीमित विकल्प बचे थे। ऐसे में ओपन मार्केट बायबैक की वापसी कंपनियों को एक और रणनीतिक विकल्प दे सकती है, जिससे वे जरूरत पड़ने पर अपने शेयर खरीदकर कीमतों को सपोर्ट कर सकें।

    उद्योग जगत ने किया समर्थन

    FICCI और AIBA जैसे संगठनों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका मानना है कि यह तरीका ग्लोबल स्तर पर प्रचलित है और कंपनियों को लचीलापन देता है।

    ये भी पढ़ें: RBI की अहम बैठक: तेल-डॉलर में दबाव के चलते ब्याज दरों में बदलाव के आसार कम

    अब फैसले पर टिकी नजर

    अब बाजार की नजर सेबी के अंतिम फैसले पर है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो ओपन मार्केट बायबैक एक बार फिर नए नियमों के साथ वापसी कर सकता है जिससे निवेशकों और कंपनियों दोनों को फायदा हो सकता है।

    Sumit Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts