
नूंह। हरियाणा के नूंह फिर से तनाव बढ़ गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP), सर्व जातीय हिंदू महापंचायत और बजरंग दल के ब्रजमंडल यात्रा निकालने के एलान के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। हरियाणा सरकार और नूंह जिला प्रशासन ने इस यात्रा के लिए परमिशन नहीं दी थी।
हालांकि, सोमवार सुबह प्रशासन ने नलहरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए 10-15 साधु संतों को जाने की अनुमति दे दी। इन सभी साधु-संतों की लिस्ट पुलिस के पास है। इसके अलावा हिंदू संगठन के भी 13 लोगों को परमिशन मिली है।
स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद
ऐहतियातन नूंह और सोनीपत में धारा 144 लगा दी गई है। जिले में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। वाहनों की तलाशी ली जा रही है, नूंह में आज इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है। नूंह में प्रशासन ने स्कूल, कॉलेज और बैंकों को बंद रखने का आदेश दिया है। नूंह के नलहड़ शिव मंदिर के 1.5 किलोमीटर क्षेत्र तक भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है। 31 जुलाई को इसी मंदिर पर शोभायात्रा के दौरान हिंसा फैली थी। ID देखकर सिर्फ स्थानीय लोगों को एंट्री दी जा रही है। जिले की सीमाओं को सील कर गहन चेकिंग के बाद ही वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही आसपास के जिलों में भी सुरक्षा कड़ी है।
हम शांतिपूर्ण यात्रा निकाल रहे : VHP अध्यक्ष
VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने बताया कि, आज सावन महीने के आखिरी सोमवार पर हम साधुओं के आशीर्वाद से ‘जलाभिषेक’ की शुरुआत कर रहे हैं। VHP अध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि, हम शांतिपूर्ण यात्रा निकाल रहे हैं। हम अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे। ‘जल अभिषेक’ के दौरान हिंदू समुदाय के प्रतिनिधि भी साथ होंगे। हमने यात्रा को प्रतीकात्मक रूप से पूरा करने का निर्णय लिया है।
मेवात में कैसे फैली थी हिंसा
31 जुलाई को नूंह में विश्व हिंदू परिषद की ब्रज मंडल यात्रा के दौरान दो गुटों में टकराव हो गया। विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में हिंदू संगठनों का सोमवार को ब्रज मंडल यात्रा निकालने का कार्यक्रम था। मेवात में शिव मंदिर के सामने से बृज मंडल यात्रा निकाली जा रही थी। तभी दोपहर एक बजे यात्रा के बड़कली चौक पर पहुंचते ही समुदाय विशेष के लोगों ने नारेबाजी करते पथराव कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई और हिंसा भड़क गई। देखते ही देखते हंगामा इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में पत्थरबाजी के साथ-साथ फायरिंग भी हुई। उपद्रवियों ने गाड़ियों को पलटते हुए आग लगा दी।
हिंसा में गुड़गांव के होमगार्ड नीरज और गुरसेवक समेत 6 लोगों मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और अन्य घायल हो गए। हिंसा को देखते हुए नूंह में इंटरनेट पर भी तीन दिन के लिए रोक लगा दी गई। इसके अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी में धारा 144 लागू करने के साथ ही स्कूल भी बंद कर दिए गए।
CM की अपील के बाद विहिप का ऐलान
CM मनोहर लाल ने यात्रा से एक दिन पहले नूंह में दोबारा यात्रा निकालने की परमिशन देने से इंकार कर दिया था। CM ने लोगों से अपील की थी कि, वह नूंह न जाकर अपने नजदीकी मंदिर में ही जलाभिषेक का कार्यक्रम करें। जिसके बाद विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 28 अगस्त की सुबह 11 बजे नूंह के नलहरेश्वर मंदिर से यात्रा की शुरुआत करने का ऐलान किया।
ये भी पढ़ें- नूंह हिंसा के दो आरोपियों का एनकाउंटर : तावड़ू की पहाड़ियों पर हुई मुठभेड़, एक आरोपी के पैर में लगी गोली