पुष्पेन्द्र सिंह-भोपाल। भाजपा, मध्यप्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में है। भाजपा ने सीएम और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अलावा प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब उन विधायकों का परफॉर्मेंस भी देखा जा रहा है जो विधानसभा चुनाव में 50 हजार से अधिक मतों से जीते हैं। ऐसे विधायक 20 हैं। इनमें सबसे ज्यादा 8 माननीय मालवा-निमाड़ अंचल के हैं पर हरसूद बैतूल लोकसभा में शामिल हैं। इससे 7 विधायकों पर इस चुनाव में नजर रहेगी।
दरअसल, लोकसभा की 8 सीटों के लिए 13 मई को होने जा रहे चुनाव में भाजपा का बड़ा फोकस आदिवासी बहुल इलाकों में हैं। जिन 64 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होना है, उनमें 17 विधायक कांग्रेस के हैं। 46 पर भाजपा के विधायक काबिज हैं।
दरअसल, भाजपा की 163 सीटों में 20 ऐसे विधायक हैं जो वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पचास हजार से अधिक मतों से जीते हैं। इधर, लोकसभा चुनाव के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के लोकसभा चुनाव में 50 हजारी 13 विधायकों का परफॉर्मेंस प्रत्याशियों की मतपेटियों पर बंद हो चुका है। इनमें हरसूद के विधायक विजय शाह भी शामिल हैं। अब, मालवा-निमाड़ के सात विधायकों की परीक्षा तय होनी है।
आलोट विधानसभा ही नहीं बल्कि पूरे उज्जैन लोकसभा सीट पर भाजपा बड़े अंतर से जीत हासिल करेगी। भाजपा के सभी कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। हम उन सीटों पर कांग्रेस से अधिक वोट लेकर आएंगे जहां विपक्ष के विधायक हैं। अबकी बार मोदी सरकार ही बनेगी। -डॉ. चिंतामणि मालवीय, विधायक, आलोट