पीपुल्स संवाददाता भोपाल। हमीदिया प्रधानमंत्री कॉलेज आॅफ एक्सीलेंस (पीएमसीओई) में अब दो शिफ्ट में क्लास लगेंगी। पहली शिफ्ट में कॉमर्स और दूसरी शिफ्ट में आर्ट और साइंस की पढ़ाई होगी। इसके साथ ही प्राचार्य कक्ष समेत आधा दर्जन विभाग रूसा भवन में संचालित होंगे। यह निर्णय स्टाफ काउंसिल की बैठक में लिया गया है।
वहीं, जर्जर भवन को गिराकर नया भवन बनाने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा यहां का कैंटीन संचालक भी बदला जाएगा। मालूम हो कि हमीदिया कॉलेज का एक हिस्सा छोटे तालाब में गिर गया है। इससे कॉलेज में कमरों की कमी आ गई है। इसलिए ए ब्लॉक में लगने वाले सभी विभाग अब रूसा भवन में लगेंगे। वहीं, बी ब्लॉक काफी जर्जर हो चुका है। बी ब्लाक के नौ कमरों में लगने वाली कक्षाओं को दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरित किया जाएगा।
हमीदिया कॉलेज का पूरा भवन अब जर्जर हो चुका है। पीएम एक्सीलेंस बनने से इस कॉलेज का महत्व और भी बढ़ गया है। यहां करीब चार हजार से अधिक स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। नए भवन के नाम पर एक लाइब्रेरी है, जिसके एक कमरे में कॉमर्स की कक्षाएं लगती हैं। शेष सभी कक्षाएं जर्जर भवन में चल रही हैं। कॉलेज की जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष देवेंद्र रावत के अनुसार, 7 साल पहले कॉलेज का सी ब्लॉक पूरी तरह तालाब में समा गया था।
पीएमसीओई के ए ब्लॉक का हिस्सा धीरे-धीरे ध्वस्त हो रहा है। एक सप्ताह के अंतराल में प्राचार्य कक्ष के दो भाग गिर चुके हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने मैनिट व एसपीए से प्राचार्य कार्यालय की जांच करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। इसे लेकर न मैनिट गंभीर दिख रहा और न ही एसपीए। इसलिए प्राचार्य डॉ. अनिल शिवानी ने दोबारा से दोनों संस्थानों के निदेशक को पत्र लिखकर जांच के लिए कहा है।
रूसा भवन में स्थानांतरित होने वाले विभागों में विद्यार्थियों को कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए यहां प्लास्टिक शीट लगाकर शेड भी तैयार किया जाएगा। बी ब्लॉक में बने 9 कमरे काफी जर्जर हो गए हैं, उन्हें गिरवाकर नया भवन तैयार कराने की स्वीकृति भी स्टाफ काउंसिल ने प्राचार्य डॉ. अनिल शिवानी को दी है। कॉलेज में अभी 3336 स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं।
दो शिफ्टों में क्लास लगाए जाने का निर्णय लिया है
भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए दो शिफ्ट में क्लास लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था दिवाली के बाद शुरू की जाएगी। फिलहाल ब्लॉक बी में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। मैनिट और एसपी निदेशक को दोबारा से पत्र भेजकर ए ब्लॉक की जांच करने के लिए कहा गया है।
- डॉ. अनिल शिवानी, प्राचार्य, हमीदिया प्रधानमंत्री कॉलेज आॅफ एक्सीलेंस