राहत की खबर : पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं...फ्यूल बचाने की पीएम की अपील के बाद सरकार का आश्वासन

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर लोगों के मन में उठ रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने साफ संदेश दिया है कि देश में पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचाने और अनावश्यक यात्राएं कम करने को कहा था।
पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है ईंधन
पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भारत के पास हर तरह के ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि देश के पास कच्चे तेल, एलपीजी, पेट्रोल और डीज़ल की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि भारत का लगभग 90 प्रतिशत ऊर्जा आयात प्रभावित क्षेत्र से आता रहा है, लेकिन किसी भी संभावित बाधा से निपटने के लिए सरकार ने तुरंत आवश्यक कदम उठाए हैं।
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घबराकर खरीदारी करने की कोई जरूरत नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोगों को पैनिक बाइंग से बचना चाहिए। शर्मा ने यह भी जोड़ा कि सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील को ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास बताया और कहा कि इसका उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितता के दौर में देश पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।
पीएम की अपील को संरक्षण से जोड़कर देखा जाए
सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संदेश किसी संकट या आपूर्ति की कमी का संकेत नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, अनावश्यक यात्राएं कम करने और ईंधन बचाने की अपील को ऊर्जा संरक्षण की भावना से देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का असर ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहा है, ऐसे में जिम्मेदारी के साथ ईंधन का इस्तेमाल करना समय की जरूरत है।
कई देशों से ऊर्जा खरीदने की तैयारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए कई देशों से ऊर्जा खरीदने की दिशा में काम कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री के संभावित भारत दौरे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि BRICS और साझेदार देशों के विदेश मंत्रियों के भारत आने की उम्मीद है और योजनाएं तय होने के बाद जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि भारत शुरू से ही पश्चिम एशिया में शांति और बातचीत का समर्थन करता रहा है।
होर्मुज से सुरक्षित लौटे भारतीय जहाज
बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारी ओपेश शर्मा ने जानकारी दी कि अब तक 10 भारतीय झंडे वाले जहाज़ बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहाजों पर काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा और जरूरतों पर रोजाना निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।












