भोपाल में 305 करोड़ रुपए की लागत से बने 14.2 किलोमीटर लंबे कोलार सिक्सलेन से एक बड़ी आबादी को ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिली है। लेकिन इस सिक्सलेन में कुल 4105 पेड़ों की कटाई का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) तक पहुंच गया है। NGT ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई है और सभी संबंधित विभागों से अगले दो हफ्तों के भीतर एक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
दरअसल, एक याचिकाकर्ता ने NGT में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि इन पेड़ों को काटने की अनुमति अवैध तरीके से दी गई थी। उनका कहना था कि अनुमति हॉर्टिकल्चर असिस्टेंट कमिश्नर द्वारा दी गई जो कि कानूनी तौर पर गलत है। इसके जवाब में भोपाल नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह अनुमति ट्री ऑफिसर ने ही दी थी। जबकि असिस्टेंट कमिश्नर ने केवल इसका संप्रेषण किया था।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि पेड़ों को काटने की कोई वैध अनुमति का रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग ने स्वीकार किया है कि सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिसका मतलब है कि पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं।
मामले की सुनवाई के बाद NGT ने सभी संबंधित विभागों को दो हफ्तों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। जिसकी सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी। वहीं, NGT ने यह भी पूछा है कि क्या 9 जनवरी 2025 को उनके द्वारा दिए गए उस निर्देश का उल्लंघन हुआ है, जिसमें कानूनी प्रक्रिया के बिना पेड़ न काटने की बात कही गई थी।