Dr. Mohan Yadav Cabinet :मप्र में पेंशन के नए नियम लागू, तलाकशुदा पुत्री भी पेंशन की हकदार
डॉ. मोहन यादव कैबिनेट की बैठक मंगलवार का मंत्रालय में आयोजित की गई। बैठक में महत्वूपर्ण निर्णयों को मंत्रिपरिषद ने अपनी सहमति दी है। इनमें मप्र में नए पेंशन नियम लागू करने का अनुमोदन प्रमुख है।
यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।
भोपाल। मख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने 2005 के बाद जारी किए गए विविध पेंशन सर्कुलरों में सुधार कर 2026 पेंशन नियम बनाए हैं। इसके साथ ही नई पेंशन स्कीम (NPS) लागू की गई है। पारिवारिक पेंशन में केंद्र का अंश बहुत कम होने से मप्र सरकार ने अब नया निर्धारण किया है। एक नियम के तहत अब तलाकशुदा पुत्री को भी पेंशन का पात्र माना जाएगा। इसके अलावा ऐच्छिक सेवानिवृति समेत अन्य नियमों का समावेश किया गया है।
366 करोड़ से रोशन होंगे घर-संस्थान
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में जहां बिजली नहीं है। ऐसे 63 हजार मकान और 650 संस्थान हैं। यहां बिजली पहुंचाने के लिए धरती आबा प्रधानमंत्री ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतिकरण किया जाएगा। इस पर करीब 366 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इस लागत को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके अलावा ऑफ ग्रिड में 8521 स्थानों पर सोलर बिजली की व्यवस्था की जाएगी।
कंप्यूटर ऑपरेर्ट्स को सेवावृद्धि
कैबिनेट में हाईकोर्ट में कंप्यूटर ऑपरेटर्स की सेवावृद्धि पांच साल बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सीएम राइज स्कूल, महिला एवं बाल विकास में कोविड फंड आदि को पांच साल निरंतर रखने का फैसला भी किया गया है।
कैबिनेट से पहले मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
बालाघाट नक्सलमुक्त हुआ। कांग्रेस शासन में एक मंत्री की हत्या के बावजूद कांग्रेस वहां कड़े निर्णय नहीं ले पाई थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बालाघाट को नक्सलमुक्त किया गया है। अब अगली कृषि कैबिनेट बालाघाट में की जाएगी।
मप्र में चीतों का परिवार बढ़ रहा है। हाल ही में कूनों में पांच शावकों का जन्म हुआ है। इसके साथ ही अब व्हाइट टाइगर का कुनबा बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। जहां जू हैं, वहां वन्यजीवों के उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर भी बनाए जाएंगे।
दलहन मिशन में मप्र को लगातार आगे बढ़ाना है। दलहन सम्मेलन में उद्योगपतियों ने बताया कि मप्र में औद्योगिकरण का अच्छा माहौल है।
इस सीजन में 51.74 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान का उपार्जन किया गया है। समर्थन मूल्य गत वर्ष 2300 से ज्यादा 2329 है। इसी तरह गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन तारीख 7 फरवरी से 7 मार्च तय की गई है। समर्थन मूल्य 2585 रुपए है। यह पिछले साल से 160 रुपए ज्यादा है।
मप्र में मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 हो गई है। शिशु मृत्यु दर 41 से 37 हो गई है।
टीबी उन्मूलन में मप्र देश के शीर्ष पांच राज्यों में है।
सिकल सेल में स्क्रीनिंग और उपचार बढ़ाया गया है।
आयुष्मान भारत के 4.43 करोड़ बनाकर मप्र देश में प्रथम स्थान पर है।
प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा।