दुनिया भर में जब भी किसी बड़ी घटना या आर्थिक संकट की चर्चा होती है, बुल्गारिया की मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वेंगा का नाम सामने आ ही जाता है। उनकी कई भविष्यवाणियां समय-समय पर सोशल मीडिया और खबरों में सुर्खियां बटोरती रही हैं। अब साल 2026 को लेकर उनकी एक और भविष्यवाणी चर्चा में है, जिसमें सोना, चांदी और तांबे जैसी धातुओं को सुरक्षित निवेश बताया गया है।
आज के समय में दुनिया कई तरह की चुनौतियों से गुजर रही है। अलग-अलग देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और महंगाई भी कई देशों में चिंता का कारण बनी हुई है। ऐसे माहौल में लोग अपने पैसे को सुरक्षित रखने के तरीकों की तलाश कर रहे हैं। इसी वजह से बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों को फिर से याद किया जा रहा है।
बाबा वेंगा की भविष्यवाणी के मुताबिक, आने वाले समय में दुनिया आर्थिक अस्थिरता का सामना कर सकती है। ऐसी स्थिति में लोग कागजी मुद्रा यानी रुपया, डॉलर, येन या युआन पर भरोसा कम कर सकते हैं। इसके बजाय वे सोना, चांदी और तांबे जैसी धातुओं को सुरक्षित मानकर उनमें निवेश बढ़ा सकते हैं।
उनकी भविष्यवाणी में कहा गया है कि जब आर्थिक संकट गहराता है, तो लोग ऐसी संपत्तियों की ओर जाते हैं जिनकी वैल्यू लंबे समय तक बनी रहती है। सोना और चांदी को सदियों से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, जबकि तांबा एक औद्योगिक धातु होने के कारण आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा रहता है। ऐसे में इन तीनों धातुओं की मांग बढ़ सकती है।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 2026 के आसपास दुनिया को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में सोना और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। अनुमान तो यहां तक हैं कि सोने का भाव 2 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है।
पिछले समय में भी कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया है। चांदी की कीमतों ने भी ऊंचे स्तर को छुआ है, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई है कि लोग धीरे-धीरे धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं।
दुनिया भर में कई आर्थिक कारण भी इस चर्चा को हवा दे रहे हैं। डॉलर में उतार-चढ़ाव, देशों पर बढ़ता कर्ज, शेयर बाजारों की अनिश्चित चाल और महंगाई का दबाव- ये सब ऐसे कारक हैं जिनकी वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्प तलाशते हैं।
जब बाजार अस्थिर होते हैं, तो निवेशक अक्सर सोना और चांदी जैसी संपत्तियों में पैसा लगाते हैं, क्योंकि इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित माना जाता है। इसी वजह से बाबा वेंगा की भविष्यवाणी को वर्तमान हालात से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, अर्थशास्त्री और बाजार विशेषज्ञ इन भविष्यवाणियों को गंभीरता से नहीं लेते। उनका कहना है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां किसी वैज्ञानिक या आर्थिक मॉडल पर आधारित नहीं होतीं। इसलिए इन्हें निवेश का आधार नहीं बनाना चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश हमेशा सोच-समझकर और सही जानकारी के आधार पर करना चाहिए। बाजार की स्थिति, आर्थिक संकेतकों और अपने वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना बेहतर होता है।
बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां लोगों के बीच उत्सुकता जरूर पैदा करती हैं, लेकिन निवेश के फैसले सिर्फ भविष्यवाणियों पर नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक तथ्यों पर आधारित होने चाहिए।