PlayBreaking News

Online Gaming :कहीं आपका बच्चा भी तो PUBG की गिरफ्त में नहीं, एक युवक की गेम खेलते समय फट गई दिमाग की नस

कहीं आपके आसपास कोई बच्चा PUBG जैसा खेल दिनरात खेल रहे हैं तो सचेत होने की जरूरत है। क्योंकि गेम खेलते- खेलते दिमाग की नस भी फट सकती है। मेरठ में ऐसा ही हुआ जहां 22 वर्षीय युवक की ऑनलाइन PUBG ज्यादा देर तक खेलने से उसके दिमाग की नस फट गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।  
Follow on Google News
कहीं आपका बच्चा भी तो PUBG की गिरफ्त में नहीं, एक युवक की गेम खेलते समय फट गई दिमाग की नस
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    डिजिटल डेस्क। मोबाइल पर ऑनलाइन गेम अब सिर्फ समय बिताने का साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि कई मामलों में ये जान पर भारी पड़ते दिख रहे हैं। गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम के चक्कर में तीन बहनों के आत्मघाती कदम की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि मेरठ से आई एक और खबर ने समाज को झकझोर कर रख दिया। मेरठ के खैरनगर क्षेत्र में 22 वर्षीय मोहम्मद कैफ की ऑनलाइन PUBG गेम खेलते हुए तबीयत अचानक बिगड़ गई। अत्यधिक ब्लड प्रेशर बढ़ने से उसके दिमाग की नस फट गई, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ब्रेन हेमरेज कहा जाता है। हालत गंभीर होने पर कैफ को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।

    गेम की लत बनी जानलेवा

    परिजनों के अनुसार, कैफ को पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी और उसका इलाज भी चल रहा था। इसके बावजूद वह घंटों मोबाइल पर गेम खेलने और वीडियो रील बनाने में लगा रहता था। परिजन बार-बार समझाते थे, लेकिन मोबाइल की लत ने चेतावनियों को अनसुना कर दिया। माना जा रहा है कि गेम के दौरान बढ़े मानसिक तनाव ने ब्लड प्रेशर को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया।

    इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम

    कैफ परिवार का इकलौता बेटा था और पिता के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में हाथ बंटाता था। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आसपास के लोग और रिश्तेदार सांत्वना देने पहुंचते रहे, लेकिन यह सवाल सबके मन में रह गया—क्या समय रहते मोबाइल और ऑनलाइन गेम की लत को गंभीरता से लिया जाता तो यह जान बच सकती थी?

    अगर बच्चे ऑनलाइन गेम के आदी हो रहे हैं तो ध्यान रखें...

    1. समय सीमा तय करें – बच्चों के मोबाइल और गेम खेलने का समय स्पष्ट रूप से निर्धारित करें।
    2. खुले संवाद रखें – डांटने के बजाय उनसे बात करें, समझें कि वे गेम में क्या खोज रहे हैं।
    3. स्वास्थ्य पर नज़र रखें – सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी या बीपी जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें।
    4. विकल्प दें – खेल, पढ़ाई, संगीत या परिवार के साथ समय बिताने जैसे ऑफलाइन विकल्प दें।
    5. जरूरत हो तो विशेषज्ञ से मिलें – अगर लत गंभीर हो जाए तो काउंसलर या डॉक्टर की मदद लेने में संकोच न करें।
    6. याद रखें - मोबाइल और गेम बच्चों के हाथ में खिलौना नहीं, जिम्मेदारी हैं। समय रहते ध्यान दिया जाए, तो कई परिवार उजड़ने से बच सकते हैं।
    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts