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MP में प्रॉपर्टी फ्रीहोल्ड महंगा!नए नियमों से बढ़ेगी फीस, 10 साल बाद बदलेगा नियम; सरकार की नई तैयारी

मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी को फ्रीहोल्ड कराना अब महंगा होने वाला है। प्रदेश सरकार नगरीय क्षेत्रों में लीज होल्ड प्रॉपर्टी के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है।
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नए नियमों से बढ़ेगी फीस, 10 साल बाद बदलेगा नियम; सरकार की नई तैयारी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी को फ्रीहोल्ड कराना अब महंगा होने वाला है। प्रदेश सरकार नगरीय क्षेत्रों में लीज होल्ड प्रॉपर्टी के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके लिए नगर पालिका अचल संपत्ति अंतरण कानून 2016 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द कैबिनेट में पेश किया जा सकता है।

    10 साल बाद फ्रीहोल्ड के नियमों में बदलाव

    सरकार करीब 10 साल बाद लीज जमीनों को फ्रीहोल्ड करने के नियमों में बदलाव करने जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक अब रेसिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए अलग-अलग फीस तय की जाएगी, जिससे आम लोगों और कारोबारियों दोनों पर असर पड़ेगा।

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    30 साल पुरानी लीज पर मिलेगा मालिकाना हक

    नए प्रस्ताव के अनुसार जिन लोगों ने 30 साल या उससे ज्यादा की लीज पर जमीन ली है उन्हें मालिकाना हक दिया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए पहले से ज्यादा शुल्क देना होगा। इसके अलावा लीज रिन्युअल के लिए प्रीमियम और किराए का भी नया निर्धारण किया जाएगा। साथ ही कम्पाउंडिंग फीस और पेनाल्टी में भी बढ़ोतरी की तैयारी है।

    कमर्शियल उपयोग के लिए मिलेगा फायदा

    यह बदलाव उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो लीज पर ली गई जमीन का व्यावसायिक उपयोग करना चाहते हैं। नए नियम लागू होने के बाद वे बढ़ी हुई फीस देकर अपनी जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल कर सकेंगे।

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    पेंडिंग मामलों को निपटाने की तैयारी

    फिलहाल प्रदेश में बड़ी संख्या में लीज रिन्युअल और फ्रीहोल्ड के मामले लंबित हैं। सरकार इन मामलों को तेजी से निपटाने के लिए नियमों में बदलाव कर रही है। सूत्रों के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों की अधिकतर लीज जमीनें निजी हाथों में हैं जिन्हें नियमित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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