मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी को फ्रीहोल्ड कराना अब महंगा होने वाला है। प्रदेश सरकार नगरीय क्षेत्रों में लीज होल्ड प्रॉपर्टी के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके लिए नगर पालिका अचल संपत्ति अंतरण कानून 2016 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द कैबिनेट में पेश किया जा सकता है।
सरकार करीब 10 साल बाद लीज जमीनों को फ्रीहोल्ड करने के नियमों में बदलाव करने जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक अब रेसिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए अलग-अलग फीस तय की जाएगी, जिससे आम लोगों और कारोबारियों दोनों पर असर पड़ेगा।
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नए प्रस्ताव के अनुसार जिन लोगों ने 30 साल या उससे ज्यादा की लीज पर जमीन ली है उन्हें मालिकाना हक दिया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए पहले से ज्यादा शुल्क देना होगा। इसके अलावा लीज रिन्युअल के लिए प्रीमियम और किराए का भी नया निर्धारण किया जाएगा। साथ ही कम्पाउंडिंग फीस और पेनाल्टी में भी बढ़ोतरी की तैयारी है।
यह बदलाव उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो लीज पर ली गई जमीन का व्यावसायिक उपयोग करना चाहते हैं। नए नियम लागू होने के बाद वे बढ़ी हुई फीस देकर अपनी जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल कर सकेंगे।
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फिलहाल प्रदेश में बड़ी संख्या में लीज रिन्युअल और फ्रीहोल्ड के मामले लंबित हैं। सरकार इन मामलों को तेजी से निपटाने के लिए नियमों में बदलाव कर रही है। सूत्रों के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों की अधिकतर लीज जमीनें निजी हाथों में हैं जिन्हें नियमित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।