नई दिल्ली :उधर नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा की शपथ, इधर बेटे निशांत का बड़ा बयान- क्या बदलने वाला है बिहार में?

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में आज बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली। इस एक कदम ने साफ संकेत दे दिया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन अब दूर नहीं है। लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं और बिहार में नई सरकार का गठन होगा। इसी बीच उनके बेटे निशांत कुमार का बयान भी सामने आया है, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। एक तरफ दिल्ली में शपथ ग्रहण हुआ, तो दूसरी तरफ पटना में सियासी गतिविधियां तेज होती नजर आईं।
राज्यसभा की शपथ : नई भूमिका, नए संकेत
दिल्ली में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली और आधिकारिक रूप से संसद के ऊपरी सदन का हिस्सा बन गए। यह कदम सामान्य नहीं माना जा रहा, क्योंकि इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री पद से हटने की संभावना और मजबूत हो गई है। शपथ समारोह में कई बड़े नेता मौजूद रहे। उनके साथ ललन सिंह, संजय झा और सम्राट चौधरी भी नजर आए। इस दौरान पूरे राजनीतिक गलियारे की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी रहीं।
15 अप्रैल के आसपास नई सरकार की तैयारी
सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। माना जा रहा है कि 15 अप्रैल के आसपास नई सरकार शपथ ले सकती है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसको लेकर अलग-अलग नाम सामने आ रहे हैं लेकिन अभी तक किसी एक नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
निशांत कुमार का बयान: संगठन को मजबूत करने की अपील
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पटना में पार्टी नेताओं से मुलाकात के दौरान कई लोग नीतीश कुमार के काम और उनके योगदान को याद कर भावुक हो गए। निशांत ने कहा कि अब समय है कि सभी लोग मिलकर संगठन को मजबूत करें और पूरी निष्ठा के साथ काम करें। उनका यह बयान सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह आने वाले बदलावों की ओर इशारा करता है।
ये भी पढ़ें: World Homoeopathy Day 2026: प्राकृतिक उपचार की बढ़ती लोकप्रियता, जानिए इस चिकित्सा प्रणाली का सफर और महत्व
विपक्ष की प्रतिक्रिया और सियासी संदेश
इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष की नजर भी बनी हुई है। तेजस्वी यादव से जुड़े नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटनाक्रम पहले से तय था और अब वही होता दिख रहा है जिसकी भविष्यवाणी की गई थी।












