शहबाज ने UN में उठाया कश्मीर मुद्दा, भारत ने पाकिस्तान को घेरा, दिया करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठते ही भारत और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर विवाद के समाधान की मांग की, तो भारत ने उनके बयान पर कड़ा जवाब दिया। भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद और दोहरे रवैये को लेकर आरोप लगाए। भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
पाकिस्तान की आतंकवाद नीति पर भारत ने उठाए सवाल
भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि आतंकवाद, धोखेबाजी और दोहरे रवैये की नीति से न तो पाकिस्तान को फायदा होगा और न ही दुनिया को। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों की बात करना उसके अपने हालात से मेल नहीं खाता। गहलोत ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और सेना की भूमिका पर भी सवाल उठाए। भारतीय अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान में सत्ता से जुड़े फैसलों में सेना की अहम भूमिका है। उन्होंने पाकिस्तान के संविधान में किए गए 27वें संशोधन और अधिकारियों को दी गई कानूनी सुरक्षा का भी जिक्र किया।
ओसामा बिन लादेन का भी किया जिक्र
पेटल गहलोत ने अपने बयान में अलकायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन का जिक्र करते हुए कहा कि वह पाकिस्तान में सैन्य अकादमी के पास रह रहा था। उन्होंने कहा कि यह बात पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ नीति पर सवाल खड़े करती है। गहलोत ने पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक सहिष्णुता की बात करने से पहले पाकिस्तान को अपने यहां के हालात पर ध्यान देना चाहिए। भारत ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाने से जम्मू-कश्मीर की स्थिति नहीं बदलती। भारत के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का मुद्दा उठाया
भारतीय राजनयिक ने कहा कि अगर कश्मीर पर चर्चा करनी है, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हालात पर भी बात होनी चाहिए। उन्होंने वहां के लोगों के अधिकारों और उनके सामने आने वाली समस्याओं का जिक्र किया। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में लोगों को मनमानी कार्रवाई, हिंसा और बुनियादी अधिकारों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारत ने साफ किया कि जम्मू-कश्मीर को लेकर उसका रुख पहले की तरह कायम है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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शहबाज शरीफ ने भारत पर लगाए आरोप
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान भारत के साथ 2025 में हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र किया था। शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान को भारत की ओर से हमला झेलना पड़ा और उसने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा में जवाब दिया। उन्होंने पाकिस्तान की सेना और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ भी की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप के हस्तक्षेप से दक्षिण एशिया में बड़ा युद्ध टलने में मदद मिली। शरीफ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थायी शांति के लिए कश्मीर विवाद का न्यायपूर्ण और निष्पक्ष समाधान जरूरी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की।
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कश्मीर पर दोनों देशों के रुख में अंतर
संयुक्त राष्ट्र महासभा में दोनों देशों के बयानों से एक बार फिर कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के अलग-अलग रुख सामने आए हैं। पाकिस्तान कश्मीर विवाद के समाधान और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग करता रहा है। वहीं भारत जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताता है और इस मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की भूमिका का विरोध करता है। दोनों देशों के बीच तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र में दिए गए इन बयानों से कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।




















