भोपाल। अब नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत ग्रामीण सेवा दे रहे चिकित्सकों की सर्विस को पीजी बॉन्ड के अंतर्गत माना जाएगा। एनएचएम ने बुधवार को निर्देश जारी किए। अधिकारियों का कहना है कि इस नियम से ग्रामीण इलाकों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और उन्हें बॉन्ड पूरा करने का एक नया विकल्प मिलेगा। मेडिकल कॉलेज से पीजी करने के बाद डॉक्टरों को ग्रामीण अस्पतालों में एक साल सेवा देना अनिवार्य होता है। इस दौरान उन्हें 60 हजार मासिक वेतन मिलता है। हालांकि कई बार डॉक्टर ग्रामीण सेवा देने की जगह बॉन्ड की रकम जमा कर देते थे। इससे गांवों में डॉक्टरों की कमी रहती थी। पहले चिकित्सा शिक्षा विभाग एनएचएम में पीजी डॉक्टरों की सेवा को बॉन्ड के अंतर्गत नहीं मानता था। प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने कहा कि यह सरकार का अच्छा प्रयास है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी की कमी दूर होगी, वहीं पीजी डॉक्टरों को भी बॉन्ड पूरा करने का एक नया विकल्प मिलेगा।